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नोएडा में 300 मीट्रिक टन गीले कचरे से बनेगी गैस; PNG के जरिए घरों में होगी सप्लाई; IGL लगाएगी CBG प्लांट

Published: Tue, 07 Apr 2026 07:54 PM (IST)

नोएडा में IGL अस्तौली में 300 थर्मल डीकंपोजिशन प्लांट (TDP) का कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट लगाएगा। यह प्लांट शहर ...और पढ़ें

आईजीएल नोएउा में लगाएगा प्लांट। फोटो: एआई जनरेटेड

आईजीएल नोएउा में लगाएगा प्लांट। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. आईजीएल नोएडा में कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट लगाएगा

  2. 300 मीट्रिक टन गीले कचरे से 15,000 किलो गैस बनेगी

  3. नोएडा प्राधिकरण सीईओ ने प्लांट को सैद्धांतिक मंजूरी दी

जागरण संवाददाता, नोएडा। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के कारण गैस की किल्लत से जूझ रहे शहर में राहत भरी खबर आई है। शहरवासियों के लिए गैस आपूर्ति को नोएडा में Indraprastha Gas Limited (IGL) 300 थर्मल डिकंपोजीशन प्लांट (TDP) का कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट लगाएगा।

इस प्लांट को अस्तौली में लगाने के लिए नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने मंगलवार को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

300 मीट्रिक टन गीले कचरे से बनेगी PNG

प्लांट में शहर से निकलने वाला 300 मीट्रिक टन गीला कचरा वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारित होगा, अनुमानित 15000 किलो CBG तैयार होगी। इसे पाइप नेचुरल गैस (PNG) के माध्यम से लोगों को कंपनी उपलब्ध कराएगी।

CNG पंप के लिए और जमीन की मांग

हालांकि कंपनी ने नोएडा प्राधिकरण से और अधिक जमीन उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे वह CNG पंप भी प्लांट के बाहर संचालित कर सके, सस्ती सीएनजी शहरवासियों को उपलब्ध कराए।

इस पर प्राधिकरण सीईओ ने कंपनी प्रतिनिधियों से विचार करने को कहा है, साथ यह भी कहा है कि 300 टीडीपी की जगह यदि कंपनी यहां पर 400 या 500 टीडीपी का प्लांट लगाए, शहरवासियों के भविष्य के लिए बेहतर होगा।

कचरा मुक्त शहर की दिशा में कदम

नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि शहर को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में प्राधिकरण ने एक कदम आगे बढ़ाया है। पिछले दिनों ठोस कचरा निस्तारण के लिए दो एजेंसी का चयन किया था, जो ग्रीन कोल व सीबीजी बनाती। इन दोनों कंपनियों को ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में प्लांट लगाने का अनुबंध प्राधिकरण ने किया था। 30 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी।

पहले चयनित कंपनियों से अनुबंध रद

इसमें आटोमेटिक कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट का निर्माण और संचालन इंडो इनवायरो इंटीग्रेटेड सोल्यूशंस लिमिटेड / एवर इनवायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (ईआरएमपीएल) को करना था।

जबकि चारकोल प्लांट (टोरीफाइड कोल) का संचालन NTPC Limited को करना था, जिसमें एनटीपीसी ने प्लांट तैयार कर लिया, लेकिन सीबीजी प्लांट पर काम शुरू नहीं हो सका।

इसलिए इंडो इनवायरो इंटीग्रेटेड सोल्यूशंस लिमिटेड / एवर इनवायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (ईआरएमपीएल) से अनुबंध रद कर दिया गया है।

अब IGL करेगा गीले कचरे का निस्तारण

सीबीजी प्लांट लगाने के लिए आईजीएल का प्रस्ताव मंजूरी कर लिया है। अब नोएडा से निकलने वाले 900 मीट्रिक टन गीला कचरे का निस्तारण आइजीएल करेगा। नोएडा प्राधिकरण कंपनी को गीला कचरा सेग्रीगेट कर उपलब्ध कराएगा। इससे सीबीजी तैयार होगी।

कितना निकलता है कचरा

कचरे का प्रकार मात्रा (मीट्रिक टन)
गीला कचरा 900
सूखा कचरा 600
C&D वेस्ट 300
ग्रेटर नोएडा से गीला कचरा 300