हापुड़ में डेढ़ लाख रुपये लेते धरा गया कानूनगो, कैंसर विशेषज्ञ से मांगी थी रिश्वत; घूस लेते CCTV में कैद
हापुड़ के धौलाना में कानूनगो विजेंदर सिंह को एक कैंसर चिकित्सक से ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

हापुड़ में डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते धारा गया कानूनगो। फोटो: सांकेतिक
HighLights
हापुड़ के धौलाना में कानूनगो विजेंदर सिंह रिश्वत लेते गिरफ्तार
कैंसर चिकित्सक से जमीन विवाद में ढाई लाख रुपये मांगे थे
एंटी करप्शन ब्यूरो ने डेढ़ लाख रुपये लेते हुए दबोचा
जागरण संवाददाता, धौलाना (हापुड़)। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा दिखाने वाले एक भ्रष्ट कानूनगो को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी विजेंदर सिंह धौलाना तहसील में राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद पर तैनात है।
डेढ़ लाख रुपये लेने पहुंचा कानूनगो
आरोप है कि कानूनगो ने एक कैंसर चिकित्सक से ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से डेढ़ लाख रुपये एडवांस के तौर पर लेने के लिए वह खुद डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचा था। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। पूरी घटना डॉक्टर के क्लिनिक में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है।
पीड़ित डॉ. के.पी. सिंह देश के जाने-माने कैंसर चिकित्सक हैं। वे धौलाना तहसील के गेट नंबर-1 के सामने और उपजिलाधिकारी आवास के बगल में अपना निजी कैंसर क्लिनिक चलाते हैं। पीड़ित के अनुसार उनकी जमीन की वैध रजिस्ट्री, अपडेटेड फर्द, दाखिल-खारिज और मौके पर कब्जा भी है।
जमीन को लेकर बनाया दबाव
डॉ. सिंह का आरोप है कि कानूनगो ने उनकी शौलाना स्थित जमीन में किसी अन्य की जमीन होने की बात कहकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। डॉक्टर ने कई बार रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के मूल दस्तावेज दिखाए, लेकिन कानूनगो ने कागज देखने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उसने धमकी देते हुए कहा - पैसे नहीं दिए तो हमारी कलम कुछ भी लिख सकती है।
इससे परेशान होकर गांव शौलाना निवासी डॉ. सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई। योजना के तहत जैसे ही कानूनगो डेढ़ लाख रुपये एडवांस लेने क्लिनिक पहुंचा, टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी आरोप लगने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक आरोपी पर पहले से भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि रिटायरमेंट में महज एक साल बचा है, फिर भी वह रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहा था।
फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी चल-अचल संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है।
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