ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एसटीपी का निर्माण 70 प्रतिशत पूरा, साल के अंत तक होगा शुरू
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 45 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण 70% पूरा हो चुका है, जो ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण 70% पूरा हो चुका है।
HighLights
45 एमएलडी एसटीपी का निर्माण 70% पूर्ण।
दिसंबर तक चालू होगा, सीवर समस्या का अंत।
शोधित जल का उपयोग सिंचाई, निर्माण कार्यों में।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेंं सीवरेज शोधन की समस्या दिसंबर तक दूर हो जाएगी। 45 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। मशीनों की स्थापना का 20 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने से सीवरेज का शोधन कर पानी को सिंचाई व निर्माण कार्य में उपयोग किया जाएगा। नालेज पार्क पांच में एक और एसटीपी के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सीवर ओवर फ्लो के कारण सड़कों पर दुर्गंध युक्त पानी बहने की समस्या से लोग परेशान है। इसके समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जा रहा है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस संयंत्र पर 80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
सीवर ओवरफ्लो की समस्या के स्थायी समाधान
इसके शुरू होने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो की समस्या के स्थायी समाधान हो जाएगा। प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव का कहना है कि निर्माण से संबंधित कार्य 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मशीन लगाने का काम भी 20 प्रतिशत तक हो चुका है। निर्माण, मशीन लगाने और बिजली की वायरिंग एवं कनेक्शन का काम नवंबर में पूरा कर दिसंबर में एसटीपी का संचालन शुरू हो जाएगा।
कार्यदायी संस्था को एसटीपी के निर्माण एवं संचालन के लिए 10 वर्ष की जिम्मेदारी दी गई है। नालेज पार्क पांच मेंएसटीपी के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। आइआइटी से इसकी डीपीआर तैयार कराई जा रही है। एसटीपी का डिस्पोजल चैनल हिंडन नदी के किनारे स्थित होगा। इसे सौर ऊर्जा से भी युक्त किया जाएगा,ताकि बिजली की बचत हो सके। प्राधिकरण की योजना सीवर के पानी को शोधित कर पुन उपयोग में लाया जाएगा।
नोएडा में मौजूदा समय में चार एसटीपी चालू स्थिति में
ग्रेटर नोएडा में मौजूदा समय में चार एसटीपी चालू स्थिति में हैं, इनकी संख्या 10 से अधिक करने की योजना है। की जाएगी। घरों और फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित करने के लिए प्राधिकरण ने नालेज पार्क पांच में 50 एमएलडी और आइटी सिटी में 12 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण कराएगा।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार का कहना है कि एसटीपी के कार्य को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। शोधित जल का उपयोग के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी संभव होगी।
| एसटीपी का नाम | क्षमता (MLD) |
|---|---|
| बादलपुर | 2 MLD |
| कासना | 137 MLD |
| ईकोटेक-2 | 15 MLD |
| ईकोटेक-3 | 20 MLD |
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