देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बना ग्रेटर नोएडा, 280 पहुंचा AQI; नॉलेज पार्क-5 में हालात सबसे ज्यादा खराब
ग्रेटर नोएडा 21 अक्टूबर को देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 280 तक ...और पढ़ें
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नोएडा में प्रदूषण बढ़ने से परेशानी बढ़ी। फोटो: सांकेतिक
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की वायु गुणवत्ता का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और रोकथाम के लिए जिम्मेदार सिस्टम सो रहा है। इसके कारण ग्रेटर नोएडा 21 अक्टूबर को देश भर के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
पहले स्थान पर खोड़ा (317), दूसरे पर बड़ौत (288) व तीसरे पर ग्रेटर नोएडा (280) रहा। अक्टूबर के 21 दिनों का प्रदूषण का स्तर चीख-चीख कर कह रहा है कि शहर प्रदूषित हवा में डूब चुका है, लेकिन रोकथाम के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूरी हो रही है।
इस तरह बढ़ा प्रदूषण का ग्राफ
एक अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा का AQI 116 था, सात अक्टूबर को वर्षा के बाद 89 तक गिरा, लेकिन उसके बाद ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा। नौ अक्टूबर को 231, 13 को 235, 18 को 274 और 21 अक्टूबर को AQI 280 तक पहुंच गया है।
यानी 21 दिन में प्रदूषण का स्तर तीन गुना बढ़ गया और प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण विभाग खानापूरी करने में जुटा रहा। यह हाल तब है जब पराली जलाने की संभावना है।
प्रदूषण के मुहाने पर ग्रेनो के दोनों मानिटरिंग स्टेशन
सबसे बड़ा मजाक वायु गुणवत्ता मानिटरिंग सिस्टम का है। घनी आबादी, सैकड़ों फैक्ट्रियां, हजारों निर्माण साइट वाले ग्रेटर नोएडा में सरकार के पास सिर्फ दो एक्टिव वायु गुणवत्ता के मानिटरिंग स्टेशन हैं।
इनमें एक नॉलेज पार्क तीन में शारदा अस्पताल के पास लगा है जहां वाहनों का लगातार आना जाना रहता है। सड़क के किनारे मिट्टी पड़ी रहती है जो हमेशा उड़ती रहती है।
दूसरा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के औद्योगिक क्षेत्र नॉलेज पार्क पांच में गोलचक्कर पर लगा है। यहां भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा ही रहता है। शहर में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए छह नए मानिटरिंग स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनके निर्माण कार्य चल रहे हैं।
ये स्टेशन डीएमआईसी, जीबीयू, नवोदय विद्यालय दादरी, शिवनादर यूनिवर्सिटी दादरी, गौड़ यमुना सिटी दनकौर, सेंट जाॅर्ज स्कूल पंचायतन में स्थित हैं।
नॉलेज पार्क आरेंज, नॉलेज पार्क पांच की मशीन में आंकड़ा रेड जोन
21 अक्टूबर को नॉलेज पार्क 3 में AQI आरेंज श्रेणी (213) दर्ज हुआ, जबकि नॉलेज पार्क की स्थिति बेहद खराब रही। यहां का AQI लाल श्रेणी (348) में दर्ज हुआ। इससे स्पष्ट है कि नॉलेज पार्क 3 के मुकाबले नॉलेज पार्क पांच में करीब 135 अंक अधिक AQI ने बढ़त बना ली है। इससे नॉलेज पार्क पांच का क्षेत्र अधिक प्रदूषित हो गया है, बावजूद इसके रोकथाम के प्रयास नाकाफी हैं।
वायु गुणवत्ता के स्तर में सुधार के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। उद्यमियों व बिल्डरों को निर्माण साइट पर धूल प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा रहा है। प्राधिकरण से जल छिड़काव व सड़कों की सफाई के बेहतर इंतजाम के लिए वार्ता की गई है।
-विकास मिश्रा, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ग्रेटर नोएडा।
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