यूं ही नहीं गई इंजीनियर की जान! नोएडा में रात में चलता है बड़ा 'खेल'; जेब गर्म कर अधिकारी भी 'मौन'
ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बावजूद अवैध मिट्टी खनन जारी है। बेसमेंट बनाने के नाम ...और पढ़ें
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में खोदाई करती जेसीबी मशीन। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में बेसमेंट बनाने के लिए प्लॉट में भरे पानी में कार के साथ डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद भी अधिकारी नहीं चेते। जिस समय हम थक हारकर रात के समय चैन की नींद सोते हैं। उस समय भी मिट्टी खनन माफिया धरती की कोख को बेसमेंट खोदने के नाम पर बिना अनुमति खोखला कर रहे हैं।
लोगों की मानें तो मोटी कमाई का यह धंधा पुलिस व प्रशासन की मिलीभगत से खूब फल-फूल रहा है। सरकारी मुलाजिमों की जेब गर्म करने के बाद पूरी रात पीला पंजा व डंफरों का आवागमन फर्राटा भरते देखा जा सकता है।
पूर्व में गठित की थी जिलाधिकारी ने समिति
तत्कालीन जिलाधिकारी बीएन सिंह ने अवैध खनन का मुद्दा उठने पर मिट्टी माफिया पर नकेल कसने के लिए समिति का गठन किया था। लेखपालों को क्षेत्र भ्रमण के साथ माफिया को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। उस दौरान खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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बताया कि उस दौरान प्रशासन ने 90 लोगों की सूची भी तैयार की थी, लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी का तबादला होते ही कार्रवाई ठंडे बसते में चली गई। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के खेदना, सैनी, सुनपुरा, तुस्याना समेत आसपास के गांवों में खनन माफिया पुलिस व प्रशासनिक कर्मचारियों से सांठ-गांठ करके दिनरात मिट्टी खोदाई के कार्य में लिप्त रहते हैं। बेसमेंट खोदने के नाम पर करोड़ों के राजस्व का चुना लगाया जा रहा है।
