ग्रेटर नोएडा में किसान आंदोलन से पहले पुलिस की घेराबंदी, जेसीबी लगाकर रोका रास्ता; रात से ही पहुंची फोर्स
किसान संगठनों के ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद पुलिस ने कड़ी घेराबंदी की। अधिकांश किसानों को ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर आवाजाही राेकने के लिए खड़ी की गई जेसीबी।
HighLights
किसान संगठनों का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन का ऐलान था।
पुलिस ने अधिकांश किसानों को घरों और गांवों में ही रोका।
प्राधिकरण जाने वाले प्रमुख रास्ते जेसीबी लगाकर बंद किए गए।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। किसान संगठनों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। पुलिस महकमा पहले से ही अलर्ट था। इसके चलते किसानों संगठनों के अधिकतर नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राधिकरण तक पहुंचने से पहले ही बातचीत समेत अन्य तरीकों से पहले ही गांवों और घरों में ही रोक दिया गया।
कई थानों की पुलिस तैनात रही
वहीं, किसी तरह पुलिस को चकमा देकर किसी तरह गांवों से निकले करीब 40 से 50 किसानों को प्राधिकरण तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में ही रोक कर निगरानी में ले लिया गया। साथ ही पहले से ही अलर्ट पुलिस ने प्राधिकरण की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को जेसीबी खड़ी कर रोक दिया गया। फिर भी एहतियातन प्राधिकरण के आसपास के कई थानों की पुलिस तैनात रही।
कार्यकर्ताओं को पहले से ही चिन्हित किया
बता दें कि कई वर्ष से किसान संगठन मांगों को लेकर समय-समय पर धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों ने धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था।
शांति व्यवस्था कायम रखने और किसानों को प्रदर्शन से रोकने के लिए पुलिस महकमा पहले से ही अलर्ट था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होते रहे किसान संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पहले से ही चिन्हित कर लिया था।
प्राधिकरण के बाहर धरना-प्रदर्शन
बुधवार रात ही पाली और जुनपत समेत अन्य गांवों में पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ पहुंच गए। नेताओं और किसानों को उनके घरों पर नजर बंद कर दिया था। साथ ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आसपास के रास्तों जेसीबी व बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह समेत अन्य अधिकारी सुबह से ही प्राधिकरण के पास पहुंच गए। गांवों के आसपास के रास्तों पर भी पुलिसकर्मी सतर्क रहे।
बावजूद जो किसान पुलिस को चकमा देकर गांवों से निकल कर प्राधिकरण की ओर रवाना हुए रास्ते में ही रोककर लौटा दिया गया। इसके चलते प्राधिकरण के बाहर धरना-प्रदर्शन करने किसान नहीं जुटे।

गिरफ्तार किसानों को रिहा करने की मांग
यमुना प्राधिकरण से संबंधित मांगों लेकर किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को बुधवार को प्रदर्शन के लिए जाते दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस दौरान शांतिभंग की धारा में करीब 12 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को किसान नेता ब्रिजेश भाटी ने कासना कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा को ज्ञापन सौंपा। सभी की तत्काल बिना शर्त रिहाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसानों के सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर आलोक नागर, ब्रजेश भाटी, योगेन्द्र मावी, मनीष नागर, उमेश ठाकुर, जगत, सीपी सोलंकी, अंकुर नागर, हंसराज मावी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
