ग्रेटर नोएडा में तिलपता से कंटेनर डिपो तक खत्म होगा जाम, IIT रुड़की बनाएगा 4 किमी लंबे एलिवेटेड रोड की DPR
ग्रेनो प्राधिकरण ने तिलपता से कंटेनर डिपो तक बनने वाले 4 किमी एलिवेटेड रोड की डीपीआर का काम सेतु निगम ...और पढ़ें

एलिवेटेड रोड के डीपीआर बनाने का काम सेतु निगम से वापस लिया गया। फोटो: सांकेतिक
HighLights
ग्रेनो प्राधिकरण ने सेतु निगम से एलिवेटेड रोड का काम वापस लिया
तिलपता से कंटेनर डिपो तक 4 किमी एलिवेटेड रोड बनेगा
IIT रुड़की अब डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। डीएससी (दादरी-सूरजपुर-छलेरा) रोड पर प्रस्तावित चार किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड की राह बदल गई है।
तिलपता चौक से कंटेनर डिपो तक बनने वाले इस एलिवेटेड रोड की फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अब उत्तर प्रदेश सेतु निगम नहीं, बल्कि IIT रुड़की बनाएगा। प्राधिकरण ने सेतु निगम से काम छीन लिया है अपने पैसे भी वापस मांगे हैं।
सेतु निगम से वापस लिया डीपीआर का काम
दरअसल, प्राधिकरण ने पहले डीपीआर बनाने का काम सेतु निगम को दिया था और इसके लिए 35 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया था। लेकिन सेतु निगम डीपीआर के साथ-साथ इस एलिवेटेड रोड के निर्माण का काम भी खुद हासिल करना चाहता था।
जिस पर प्राधिकरण राजी नहीं हुआ। बात बिगड़ने पर प्राधिकरण ने सेतु निगम से हाथ खींच लिया है। अब प्राधिकरण ने सेतु निगम को दिए गए 35 लाख रुपये वापस मांग लिए हैं और अब डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी IIT रुड़की को देने का फैसला किया है।
रोज डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही है
प्राधिकरण अधिकारियों का मानना है कि IIT रुड़की की डीपीआर ज्यादा तकनीकी और पारदर्शी होगी। बता दें कि तिलपता से आगे दादरी में कंटेनर डिपो तक और ग्रेनो वेस्ट से वाया तिलपता चौक दादरी की ओर रोज डेढ़ लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है, आसपास आसपास कई फैक्ट्रियां भी हैं।
कंटेनर ट्रकों और लोकल ट्रैफिक के एक ही सड़क पर आने से पीक आवर्स में रोजाना लंबा जाम लगता है। इस मार्ग से दादरी रेलवे ओवरब्रिज और रूपवास बाईपास भी जुड़ते हैं।
प्राधिकरण की योजना है कि एलिवेटेड रोड पर तिलपता और कंटेनर डिपो से आगे दादरी की ओर जाने वाले वाहन चालक फर्राटा भरेंगे और नीचे की सड़क पर लोकल ट्रैफिक सुचारू चलेगा। इससे न केवल जाम खत्म होगा, बल्कि औद्योगिक माल ढुलाई में तेजी आएगी और कंटेनरों की आवाजाही आसान होगी।
सेतु निगम के साथ एलिवेटेड रोड के डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लेकर गतिरोध पैदा हो गया। इस वजह से अब प्राधिकरण ने ये काम IIT रुड़की से कराने का फैसला किया है। किए गए भुगतान भी सेतु निगम से वापस मांगा गया है।
- एके सिंह, जीएम प्रोजेक्ट ग्रेनो प्राधिकरण।
यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो की फाइल PMO पहुंची, 5 स्टेशन बनेंगे; 5 लाख लोगों का इंतजार इसी महीने होगा खत्म
