विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देशभर में सबसे प्रदूषित ग्रेटर नोएडा, AQI पहुंचा 346 के पार; जहरीली हवा से सांसों पर संकट

By Ranjeet MishraEdited By: Shraddha Pandey
Published: Fri, 23 Oct 2026 08:53 AM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 09:00 AM (IST)

ग्रेटर नोएडा में पहली बार अक्टूबर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंचा, जहां शुक्रवार को AQI 346 दर्ज ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा में AQI 346 के पार पहुंचा प्रदूषण स्तर (AI-Image)

ग्रेटर नोएडा में AQI 346 के पार पहुंचा प्रदूषण स्तर (AI-Image)

HighLights

  1. ग्रेटर नोएडा का AQI 346, देश का सबसे प्रदूषित शहर।

  2. वाहनों का धुआं, निर्माण धूल प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण।

  3. प्रशासन ने GRAP नियम सख्ती से लागू करने के दिए निर्देश।

रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। इस साल अक्टूबर में पहली बार ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह सात बजे शहर का एक्यूआई 346 दर्ज किया गया, जो डार्क रेड जोन यानी बेहद खराब श्रेणी में आता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के देशभर के 254 शहरों और 496 मानिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में ग्रेटर नोएडा सबसे अधिक प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया है। बृहस्पतिवार को जारी सीपीसीबी की बुलेटिन के मुताबिक ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 219 था, जो खराब श्रेणी में था।

15 घंटों में ही चौंकाने वाले आंकड़े

महज 15 घंटों में ही इसमें करीब 127 अंकों का इजाफा हो गया और यह बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया। नोएडा की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार सुबह नोएडा का एक्यूआई 280 के पार दर्ज किया गया। यदि हवा की गति नहीं बढ़ी तो ग्रेनो का एक्यूआई गंभीर श्रेणी यानी 400 के पार जा सकता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक अचानक बढ़े प्रदूषण के पीछे कई कारण हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और हवा की गति धीमी होना प्रमुख कारण है। पिछले दो दिनों से हवा में नमी भी बढ़ी है, जिससे प्रदूषक कण नीचे ही जमे हुए हैं।

प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने क्या कहा?

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विकास मिश्रा का कहना है कि प्राधिकरण के ग्रेप के नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण साइटों पर पानी के छिड़काव और खुले में कचरा जलाने पर रोक के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया है।

वहीं, बढ़ते प्रदूषण से लोगों की सेहत पर असर दिखने लगा है। अस्पतालों में आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत वाले मरीज बढ़े हैं। डाक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा के मरीजों को सुबह-शाम टहलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी है।

यह भी पढ़ें- प्रदूषण पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सख्त: अब WhatsApp से होगी निगरानी, नियमों को तोड़ने वाली बसों पर लगेगा ब्रेक

यह भी पढ़ें- 'दिल्ली से भी जहरीली मुंबई की हवा, अधिकारी सो रहे चैन की नींद', बॉम्बे हाई कोर्ट ने बढ़ते प्रदूषण पर लगाई फटकार