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जिम्स में 10 दिन की हड़ताल का असर... 10 हजार मरीज बिना इलाज लौटे, 300 से ज्यादा सर्जरी टलीं

Published: Fri, 26 Jun 2026 10:23 AM (GMT+05:30)

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ग्रेटर नोएडा में आउटसोर्स कर्मचारियों की 10 दिन की हड़ताल से मरीजों को भारी परेशानी हुई।

नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। जागरण

नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। जागरण

आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों को लेकर 10 दिन की हड़ताल का असर सीधे तौर पर मरीजों के इलाज में देखने को मिला है। हड़ताल की वजह से 10 हजार से अधिक मरीज बिना इलाज के वापस लौटे, जो नोएडा स्थित जिला अस्पताल या शहर के अन्य प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूरन गए।

इसके अलावा इन 10 दिनों में करीब 300 सर्जरी भी टाली गई। मरीजों को हड़ताल खत्म होने के बाद सर्जरी के लिए आने को कहा गया, जिस कारण कुछ ने तो अन्य अस्पतालों में मजबूरी में सर्जरी कराई। इस दौरान उन्हें अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा और उनकी जेब पर कई गुना बोझ बढ़ गया।

जिम्स के जनरल मेडिसिन, नेत्ररोग विभाग, आर्थोपैडिक, चेस्ट, स्किन और इमरजेंसी के अलावा अन्य विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से लेकर 1900 तक होती है। वहीं हड़ताल के पहले दिन से ही मरीजों की संख्या कम होकर 200 पहुंच गई। हड़ताल के दौरान अधिकतम सिर्फ एक दिन 1100 ओपीडी पहुंची, जिसमें नर्सिंग के छात्रों और बाहर से बुलाई नर्स को ड्यूटी में लगाया गया।

ओपीडी में मरीजों की संख्या कम होने का मुख्य कारण रहा कि कर्मचारी हड़ताल के दौरान मरीजों के बैठने वाले स्थान पर ठिकाना जमाकर बैठे थे, जिससे पंजीकरण का काम पूरी तरह से ठप हो गया। ग्रेटर नोएडा के अलावा नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ समेत अन्य शहरों के मरीजों को बिना इलाज के ही परेशान होकर वापस लौटना पड़ा।

हड़ताल के दौरान सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं संचालित हुई और पुराने आने वाले मरीजों को ही इलाज मिल सका। रोजाना के लगभग एक हजार मरीजों को बिना इलाज के ही वापस नोएडा जिला अस्पताल या शहर के प्राइवेट अस्पतालों का रूख करना पड़ा।

100 स्टाफ नर्स की मांग की गई 

जिम्स निदेशक डॉ. बिग्रेडियर राकेश गुप्ता ने बताया कि सेवाओं को पूरी तरह से बहाल करने व मरीजों को पूर्व की भांति इलाज की सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए शासन से पत्र लिखकर 100 स्टाफ नर्स को आसपास के सरकारी संस्थानों से उपलब्ध कराने की मांग की है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलाई जा सकें। अभी ओपीडी के साथ आइपीडी शुरू की गई हैं।

OPD मरीजों की संख्या

सामान्य दिनों में ओपीडी
तारीख मरीजों की संख्या
01 1955
02 1632
03 1852
04 1550
05 1790
06 1575
07 87
08 1688
09 1600
10 1526
11 1600
12 1688
13 1480
14 82
हड़ताल के दौरान ओपीडी
तारीख मरीजों की संख्या
15 208
16 125
17 300
18 200
19 320
20 670
21 53
22 1082
23 1121
24 1258

नोट: जिम्स से मिले आंकड़ों के आधार पर

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