GIMS ग्रेटर नोएडा में बायोफायर सिस्टम की शुरुआत, एक ही जांच में पकड़े जाएंगे कई रोगाणु; तुरंत मिलेगा इलाज
जिम्स, ग्रेटर नोएडा में बायोफायर फिल्म-ऐरे सिस्टम की शुरुआत हुई है, जिससे अब एक ही टेस्ट में कई संक्रामक रोगों ...और पढ़ें

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान । जागरण आर्काइव
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में अब एक ही टेस्ट से कई रोगों की पहचान हो सकेगी। इसके लिए विभिन्न तरह के अलग-अलग टेस्ट करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
इससे रिपोर्ट के आने में होने वाली देरी और अधिक खर्च से मरीज भी बच सकेंगे। बायोफायर फिल्म-ऐरे सिस्टम से एक ही टेस्ट में विभिन्न रोगाणुओं की जांच की जा सकेगी।
यह सुविधा जिम्स में सीएसआर के तहत मेडिकल रिसर्च विभाग में शुरू कर दी गई है। इस अत्याधुनिक तकनीक से संक्रामक रोगों की जांच में तेजी आएगी। साथ ही, संस्थान में मेडिकल रिसर्च और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
एक ही जांच में कई रोगाणुओं की पहचान
बायोफायर फिल्म-ऐरे सिस्टम मल्टीप्लेक्स पीसीआर आधारित तकनीक है, जो एक ही जांच में कई तरह के रोगाणुओं की पहचान करने में सक्षम है। यह लक्षणों के आधार पर संभावित संक्रमण के कारणों का पता लगाने में मदद करता है।
इससे चिकित्सकों को बीमारी की वजह की पहचान करने और उपचार संबंधी निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है। संक्रामक रोगों की त्वरित जांच के साथ ही उन्नत चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल रिसर्च और उपचार को मिलेगा बढ़ावा
संस्थान के मेडिकल रिसर्च विभाग की यह पहल आधुनिक जांच तकनीकों को बढ़ावा देने और मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिम्स निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता का कहना है कि ऐसी अत्याधुनिक सुविधाएं अधिक से अधिक शुरू करने का प्रयास है, जिससे लोगों को लाभ मिल सके।
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