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गाजियाबाद में पकड़े गए 6 आतंकी मॉड्यूल, एनसीआर में बढ़ा आतंकी खतरा

Published: Mon, 16 Mar 2026 10:29 PM (IST)

गाजियाबाद पुलिस ने छह लोगों को पकड़ा है जो रेलवे स्टेशनों और सेना के ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे ...और पढ़ें

गाजियाबाद पुलिस ने छह लोगों को पकड़ा है जो रेलवे स्टेशनों और सेना के ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। फाइल फोटो

गाजियाबाद पुलिस ने छह लोगों को पकड़ा है जो रेलवे स्टेशनों और सेना के ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। फाइल फोटो

HighLights

  1. गाजियाबाद में 6 लोग पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजते पकड़े गए।

  2. एनसीआर पुलिस को अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से लैस करना आवश्यक है।

  3. स्थानीय खुफिया नेटवर्क मजबूत कर युवाओं को कट्टरता से बचाना होगा।

रानू पाठक, नोएडा। रेलवे स्टेशनों और सेना के ठिकानों की लोकेशन, वीडियो व फोटो पाकिस्तान भेजने वाले छह आरोपितों को गाजियाबाद पुलिस ने पकड़ा है। आतंकियों के इस मॉड्यूल के पकड़े जाने पर एक बार फिर से दिल्ली समेत एनसीआर में आतंकी घटनाएं होने का खतरा मंडरा रहा है।

इसे रोकने के लिए बेहद जरूरी है कि दिल्ली की स्पेशल सेल की तरह एनसीआर के अन्य शहरों की पुलिस को भी अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से लैस किया जाए, पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिले, हर छोटी-बड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान बिना किसी कानूनी रुकावट के तुरंत हो और एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए, जो किसी अनहोनी से पहले ही आतंकियों की कमर को तोड़ कर रख दे।

ये बातें दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त ज्वाइंट सीपी अशोक चांद ने नोएडा में दैनिक जागरण के कार्यालय में आयोजित ऑनलाइन जागरण विमर्श कार्यक्रम में कहीं।

स्पेशल सेल को काफी अधिकार

चांद ने कहा दिल्ली की स्पेशल सेल को काफी अधिकार मिले हैं। सेल हर तरह से सक्षम है। एनसीआर के अन्य जिलों की पुलिस को भी उसकी तरह ही डेवलप और प्रशिक्षित करना चाहिए, ताकि स्पेशल सेल और अन्य जिलों की पुलिस बेहतर समन्वय बनाते हुए आतंकियों के खिलाफ कोई भी आपरेशन सफलतापूर्वक कर सके।

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1990 से 2000 के दौर में आतंकवादियों का मॉड्यूल कुछ दूसरी तरह से काम करता था, लेकिन अब आतंकवादी संगठन खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोज नहीं कर चाहते हैं। इसलिए वह स्थानीय स्तर पर ऐसे युवाओं को ढूंढते हैं, जो उनके मकसद को पूरा कर सकें। इसके बाद वह उनका ब्रेनवाश कर उन्हें आतंकी गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित करते हैं।

इंटरनेट मीडिया का अब काफी इस्तेमाल

अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए आतंकी इंटरनेट मीडिया का अब काफी इस्तेमाल करते हैं। पहले ऐसा नहीं होता था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युवाओं को आतंकवाद की तरफ जाने से रोकने के लिए जरूरी है कि परिवार स्तर पर ये काम हो। घर के बड़े अपने बच्चों के व्यवहार का आकलन करें।

वे किस से मिल रहे हैं, क्या कर रहे हैं, ये सब जानकारी उन्हें होनी चाहिए। यदि समाज खुद आगे बढ़कर ऐसा करेगा तो आतंकियों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो सकते हैं। वैसे जहां तक पुलिस विभाग में वर्कलोड की बात है तो जनसंख्या के हिसाब से पुलिस बल हमेशा बहुत कम रहा है। इसे लगातार बढ़ाते रहने की जरूरत है।

इंटेलिजेंस नेटवर्क हो मजबूत 

कार्यक्रम में अशोक चांद ने कहा कि आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस के लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत बनाया जाना चाहिए। उन्हें हर लेटेस्ट तकनीक से लैस किया जाए। इलेक्ट्रानिक सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस को डेवलप करके उसे मजबूत बनाना होगा, क्योंकि अब आतंकी संगठनों ने भी समय के साथ खुद को बदल लिया है।

अब ये संगठन भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस और इंटेलिजेंस को इनसे आगे सोचना होगा, तभी देश सुरक्षित रह सकता है।

आम जनता को करें जागरूक

चांद ने कहा कि पहले सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के बारे में पब्लिक एनाउंसमेंट किया जाता था। ये नियमित तौर पर होता था। इसका फायदा ये रहता है कि आम जनता भी जागरूक बनती है।

इसके अलावा समय-समय पर पुलिस को आम लोगों के साथ संवाद करते रहना चाहिए, ताकि लोगों को ये पता रहे कि वह भी पुलिस की किस स्तर पर सहायता कर सकते हैं और अपना कर्तव्य निभाते हुए देश की रक्षा कर सकते हैं।

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