शिक्षा गुणवत्ता में यूपी के टॉप-10 जिले में पिछड़ा गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद ने मारी बाजी; टॉप-3 लिस्ट में झांसी अव्वल
गौतमबुद्ध नगर PGI-D 2025-26 रैंकिंग में तीसरे स्थान पर खिसक गया, झांसी पहले और गाजियाबाद दूसरे पर। पिछले साल शीर्ष ...और पढ़ें

गौतमबुद्ध नगर इस वर्ष परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फाॅर डिस्ट्रिक्ट (पीजीआइ-डी) 2025-26 में प्रदेश के शीर्ष सूची में पिछड़ गया है।
HighLights
गौतमबुद्ध नगर PGI-D रैंकिंग में तीसरे स्थान पर खिसका।
झांसी 318 अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर।
गाजियाबाद 310 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। प्रदेश के सबसे हाइटेक जनपद कहे जाने वाला गौतमबुद्ध नगर स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों के सीखने के स्तर, आधारभूत सुविधाओं और स्कूल प्रशासन का आकलन करने वाले परफार्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फाॅर डिस्ट्रिक्ट (पीजीआइ-डी) 2025-26 में प्रदेश के शीर्ष सूची में पिछड़ गया है।
2025-26 में गौतमबुद्ध नगर ने 307 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। जबकि झांसी ने 318 अंक से साथ प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं, 2023-24 में आई रिपोर्ट में गौतमबुद्ध नगर जिला प्रदेश में शीर्ष पर रहा था जबकि झांसी दूसरे, वाराणसी तीसरे और गाजियाबाद चौथे स्थान पर रहा था।
प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया
बता दें कि गौतमबुद्ध नगर में बीते वर्षों से लगातार स्कूलों में सभी सुविधाएं प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले तेजी से सुधारने का काम किया जा रहा है। इसके बाद भी पीजीआइ-डी 2025-26 की रैंकिंग में जिला पिछड़ गया है और पहले स्थान से सीधे तीसरे स्थान पर खिसककर आ गया है, जबकि गाजियाबाद पीछे रहने वाले जिला इस बार गौतमबुद्ध नगर से आगे निकल गया है और 310 अंकों के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
अभी व्यापक सुधार की जरूरत
हालांकि, वाराणसी भी दो स्थान खिसककर पांचवें स्थान पर आ गया है। रिपोर्ट में आए स्थान के आधार पर कहा जा रहा है कि जिले को शिक्षा की गुणवत्ता, सीखने के परिणाम, डिजिटल शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में अभी व्यापक सुधार की जरूरत है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मंगलवार को यह इंडेक्स जारी किया।
600 अंकों के 70 संकेतकों को शामिल किया
इसके माध्यम से देश के सभी जिलों की स्कूल शिक्षा का एक समान मानकों पर आकलन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप इसके मानकों को अपडेट किया गया है। यह रिपोर्ट यू-डाइस प्लस, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024, प्रबंध पोर्टल तथा कक्षा तीन, छह और नौ के सीखने के स्तर से जुड़े एनसीईआरटी के आंकड़ों पर आधारित है। इसमें 600 अंकों के 70 संकेतकों को शामिल किया गया है।
इन छह मानकों के आधार पर किया गया है आकलन
रिपोर्ट में जिलों का मूल्यांकन छह प्रमुख मानकों लर्निंग आउटकम, प्रभावी कक्षा शिक्षण (ईसीटी), आधारभूत सुविधाएं व छात्र अधिकार (आइएफ एंड एसई), स्कूल सुरक्षा व बाल संरक्षण (एसएस एंड सीपी), डिजिटल लर्निंग (डीएल) और प्रशासनिक व्यवस्था (जीपी) के आधार पर किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई पिछड़े जिले आधारभूत सुविधाओं और स्कूल सुरक्षा के मामले में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन लर्निंग आउटकम और डिजिटल लर्निंग में पीछे हैं। इससे पता चलता है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षण प्रक्रिया और तकनीक आधारित शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश स्कूल शिक्षा सूचकांक रैंकिंग
| रैंक | जिला | कुल अंक |
| 1 | झांसी | 318 |
| 2 | गाजियाबाद | 310 |
| 3 | गौतमबुद्ध नगर | 307 |
| 4 | बागपत | 305 |
| 5 | वाराणसी | 305 |
| 6 | शामली | 302 |
| 7 | महोबा | 302 |
| 8 | कानपुर नगर | 301 |
| 9 | गोरखपुर | 299 |
| 10 | प्रयागराज | 299 |
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