विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गंगा लिंक एक्सप्रेसवे: एलाइनमेंट में आने वाले मकानों को शिफ्ट करेगा YEIDA, मुआवजा देकर दूसरी जगह बसाने की तैयारी

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:24 PM (IST)

गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में आ रहे मकानों को यीडा शिफ्ट करेगा। प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देकर दूसरी जगह ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यीडा मकानों को करेगा शिफ्ट।

  2. प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देकर दूसरी जगह बसाने की तैयारी।

  3. लोक निर्माण विभाग मकानों का मूल्य आंककर मुआवजा तय करेगा।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नेाएडा। गंगा लिंक एक्सप्रेस वे के राह यीडा क्षेत्र में आने वाले मकानों को शिफ्ट किया जाएगा।
इसकी वजह से लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 33 एकड़ जमीन क्रय का काम रुका हुआ है।

मकानों के मूल्य का आंकलन करने के लिए यीडा ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा है। मूल्य का आंकलन होते ही मुआवजा वितरण का काम किया जाएगा।

गंगा व यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 74.5 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) करेगा।

एक्सप्रेसवे के लिए निर्माण के लिए यीडा अधिसूचित क्षेत्र में 750 एकड़ में से अधिकतर जमीन क्रय हो चुकी है, लेकिन 33 एकड़ जमीन लिंक एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट में मकानों के आने के कारण रुक गई है। यह मकान रबूपुरा व कपना गांव में हैं।

पहले मकान स्वामियों को मिलेगा मुआवजा फिर...

प्राधिकरण जमीन क्रय करने पर पहले मकानों का मुआवजा उनके स्वामियों को देगा। प्रभावित ग्रामीणों को दूसरी जगह पर बसाया जाएगा।

यीडा एसीईओ राजेश कुमार सिंह का कहना है कि मकानों का मूल्य आंकने के लिए लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा गया है। विभाग की ओर से मुआवजा तय होने पर मकान मालिकों को राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 8,586 करोड़ लागत का अनुमान है। छह लेन एक्सप्रेसवे के बीस किमी हिस्सा यीडा क्षेत्र में है। यह एक्सप्रेसवे सेक्टर 21 में यमुना एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा।

इसके निर्माण से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलोंं से कनेक्टिविटी हो जाएगी। यात्रियों की आवाजाही के साथ साथ माल की ढुलाई भी सुगम हो जाएगी।

यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा-आगरा के बीच सफर होगा आसान, हाइड्रोजन बसों का ट्रायल जारी; कब से शुरू होगी सेवा?