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गोरा होने की क्रीम लगा रहे हैं तो सावधान! किडनी-लिवर हो सकते हैं 70% तक खराब, जिम्स के डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Published: Tue, 27 Oct 2026 11:45 AM (IST)

गोरा होने की क्रीमों में मौजूद मरकरी रसायन किडनी और लिवर को 70% तक खराब कर सकता है, जिससे मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।

HighLights

  1. मरकरी युक्त गोरा होने की क्रीम किडनी-लिवर को नुकसान पहुंचाती है।

  2. त्वचा द्वारा अवशोषित मरकरी गुर्दों की छन्नियों को खराब करती है।

  3. जिम्स डॉक्टरों ने ऑनलाइन क्रीमों के अंधाधुंध प्रयोग से बचने को कहा।

आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। चमक धमक दिखाने के चक्कर में अधिकतर लोग गोरे होने की क्रीम का उपयोग ऑनलाइन मार्केट से कर रहे हैं और इसके चक्कर में उनकी किडनी और लिवर की शामत आ रही है। डॉक्टरों ने बताया कि त्वचा को गोरा दिखाने के लिए क्रीम में मरकरी रसायन मिलाया जाता है।

इसे त्वचा सोखती है और इससे गुर्दों में मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी की समस्या हो जाती है। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के जनरल मेडिसिन विभाग के डॉक्टर दीपक शर्मा ने बताया कि मरकरी रसायन को त्वचा के सोखने से गुर्दे की छन्नियों को नुकसान होता है और यूरीन से प्रोटीन आने लगता है।

कई बार किडनी खराब होने के कारण समझ नहीं पाते हैं और खराबी बढ़ती जाती है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा लिवर पर भी प्रभाव पड़ता है। कई बार लिवर और किडनी लगभग 70 प्रतिशत खराब हो जाती हैं और पता भी नहीं चलती हैं।

गोरा करने वाली क्रीम में मरकरी होता है मेन एलिमेंट

डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि त्वचा सफेद करने वाली क्रीम में मरकरी मुख्य अवयव होता है। 20-25 दिन तक क्रीम लगाने पर इसका असर किडनी पर आने लगता है। मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी का क्रीम बड़ा कारण बन रही है। व्यक्ति जितनी अधिक क्रीम लगाएगा, दिक्कत उतनी जल्दी होने लगेगी।

गोरा होने वाली क्रीम के प्रयोग करने वाले मरीजों से कई बार पूछना पड़ता है कि वे कौन सी क्रीम लगाते हैं। इस तरह के रोगियों में पुरुष और महिलाएं दोनों होती हैं।

बहुत से रोगियों की डायग्नोसिस से पता चला कि ज्यादातर क्रीम खुद सोशल मीडिया पर देखकर मंगा लेते हैं और इसका इस्तेमाल करते हैं। अगर शुरुआत में रोगी आ जाए तो उसके गुर्दे की खराबी ठीक हो जाती है। रोगी की जांच में नेल एंटीजन से इसे पता किया जाता है।

धीरे-धीरे पड़ता है किडनी-लिवर पर प्रभाव

जिम्स के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पीहू सेठठी ने बताया कि बाजार और ऑनलाइन में मिलने वाली क्रीमों में से कुछ ऐसी रहती हैं, जिनके बारे में आज की युवा पीढ़ी फिर चाहें वो लड़की हो या फिर लड़का बिना किसी डॉक्टर सलाह लिए प्रयोग करने लगते हैं।

इसके चलते धीरे-धीरे इसका प्रभाव किडनी और लिवर पर पड़ना शुरू होता है। जानकारी भी इसकी काफी लंबे समय बाद हो पाती है, जब लिवर या किडनी 50 प्रतिशत के ऊपर खराब खराब हो चुकी होती है।

सलाह

  • हृदय से पंप होने वाला 20 फीसदी खून गुर्दे से होकर जाता है
  • प्रदूषण बढ़ने के कारण किडनी में अधिक खराब आ रही है
  • खूब पसीना बहाने और कम पानी पीने से सूजन आती है
  • कीटनाशक से भी किडनी में खराबी आ रही
  • 40 साल की उम्र के पहले ब्लड प्रेशर तो गुर्दे की जांच कराते रहें

doctor advise

केस -1

काल्पनिक नाम अनुराधा ने बताया कि वह लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम का उपयोग करती रहीं और बाद में पता चला कि उनकी किडनी में दिक्कत होने लगी है। जिम्स में करीब एक महीन उपचार कराया है। अभी भी फालोअप चल रहा है।

केस-2

काल्पनिक नाम सत्यम ने बताया कि बिना डॉक्टर सलाह के ऑनलाइन क्रीम खरीद कर गोरा दिखने के चक्कर में प्रयोग किया था, जिसके चलते किडनी और लीवर में इंफेक्शन फैल गया था। जिम्स में उपचार करवाया है तो अब काफी राहत मिल गई है।

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