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यूपी-हरियाणा वालों की बल्ले-बल्ले! यमुना और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज 15 अक्टूबर तक होगा तैयार

Published: Wed, 23 Sep 2026 10:25 PM (IST)

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इंटरचेंज का निर्माण 15 अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है। ...और पढ़ें

ईपीई-यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज अक्टूबर तक तैयार, 20 किमी दूरी होगी कम। (एआई जेनरेटेड इमेज)

ईपीई-यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज अक्टूबर तक तैयार, 20 किमी दूरी होगी कम। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. इंटरचेंज का निर्माण अगले माह 15 अक्टूबर तक पूरा होगा।

  2. ईपीई और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा यह इंटरचेंज।

  3. इससे वाहन चालकों की लगभग 20 किमी की दूरी कम होगी।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बन रहे इंटरचेंज का निर्माण अगले माह 15 अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है। यूपीआइटीएस में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम की ओर से जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए यीडा इंटरचेंज को सीमित स्तर पर खोलने के लिए एनएचएआइ से प्रयास कर रहा है।

जगनपुर अफजलपुर गांव के नजदीक बन रहे इंटरचेंज में चार लूप व आठ रैंप हैं। इनकी कुल लंबाई 13.308 किमी है। इंटरचेंज कुल 83 हे. में है। इसके निर्माण पर करीब पांच सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इंटरचेंज से दोनों एक्सप्रेसवे से आपस में जुड़ने के साथ यीडा की 60 मीटर चौड़ी सड़क भी जुड़ जाएगी। पिछले माह एनएचएआए चेयरमैन संतोष यादव ने निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों को कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।

इंटरचेंज के बनने से करीब 20 किमी की दूरी कम होगी

इंटरचेंज के बनने से करीब 20 किमी की दूरी कम हो जाएगी। वाहन चालकोंं को ग्रेटर नोएडा होकर एक एक्सप्रेसवे से दूसरे पर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। लेकिन 25 सितंबर से शुरू हो रहे यूपीआईटीएस में पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा के आस पास के लोगों के आने की संभावनाओं को देखते यीडा प्रयास कर रहा है कि फरीदाबाद और गाजियाबाद की ओर से ईस्टर्न पेरिफेरल पर आने वाले वाहनों को यमुना एक्सप्रेस वे पर उतरने की सुविधा मिल जाए तो वाहन चालकों को यूपीआइटीएस पहुंचने में सुविधा के साथ समय और दूरी की बचत होगी।

यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि इस पर अंतिम रूप से एनएचएआई ही फैसला लेगा।

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