जागरण संवाददाता, नोएडा :

मणिपुर के रहने वाले छात्र प्रवीश चनम की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में सोमवार को सीबीआइ की टीम ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों से पूछताछ की। इस संबंध में जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। सीबीआइ की टीम ने करीब तीन घंटे तक डॉक्टरों व कर्मचारियों से पूछताछ की।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा में आठ सितंबर 2017 की रात को आयोजित म्यूजिकल कॉन्सर्ट में दोस्तों के साथ मणिपुर इंफाल निवासी 22 वर्षीय बीए का छात्र प्रवीश चनम लापता हो गया था। आरोप है कि कुछ अज्ञात लोग छात्र को जिला अस्पताल के बाहर बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए थे। यहां डॉक्टरों ने छात्र को भर्ती करके उसके इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान होश आने पर छात्र ने डॉक्टरों को अपना नाम प्रवीश चनम बताया था। लेकिन नौ सितंबर की शाम को निठारी कार मार्केट के पास सड़क पर छात्र का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। इसके बाद से इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। छात्र के परिजन का आरोप है कि जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद छात्र कहीं और कैसे चला गया। सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस भी उस वक्त छात्र की पहचान नहीं कर पाई थी और उसका अज्ञात में ही पोस्टमार्टम करा दिया था। दो दिन बाद पुलिस ने मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया। लेकिन छात्र के परिजन उसकी तलाश करते हुए 14 सितंबर 2017 को सेक्टर-20 कोतवाली पहुंचे थे। यहां उन्होंने मृतक के फोटो से उसकी पहचान की। इसके बाद से ही छात्र की मौत का रहस्य बरकरार है। परिजनों ने इस मामले में सीबीआइ जांच की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर सीबीआइ लखनऊ की टीम ने केस की जांच शुरू की है। सेक्टर-20 थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। सीबीआइ मामले की जांच में जुटी है।

Posted By: Jagran

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