संस, बिलासपुर : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दनकौर विकास खंड के दर्जनों गांवों में पंपसेट भवन का निर्माण कराकर पाइपलाइन तो बिछा दी है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने का सपना अब तक पूरा नहीं हो सका।

पीपलका सूरतपुर, जानीपूरा, बांजरपुर, सलेमपुर गुर्जर, नियाना अमीनाबाद, रोशनपुर, जूनेदपुर, तालाडा, झालाडा, रामपुर माजरा, पतलाखेड़ा, दलेलगढ़, गढ़ी आजमपुर, पंचायतन इनायतपुर, बिसायच बरसात, दाउदपुर, बुलंद खेड़ा, ईसेपुर, कनरसा, अमरपुर, नवादा, खानपुर, सिरसा, लडपुरा, लुक्सर, गिरधरपुर, घंघौला, अटाई, पुवारी, बागपुर, हतेवा समेत क्षेत्र के कई गांवों में पंपसेट भवन का निर्माण कर पाइप लाइन बिछाई गई थी, लेकिन देखरेख के अभाव में आज अधिकतम पंपसेट खराब हो चुके हैं। पंप हाउस के चारों तरफ लंबी-लंबी घास पैदा हो चुकी है। पाइप लाइन जगह-जगह से टूट चुकी है। ग्रामीणों व गांवों के प्रधानों ने कई बार तहसील, जिला प्रशासन व प्राधिकरण से पंप हाउसों की मरम्मत कराने की मांग की ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। प्राधिकरण के अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से विकास कार्यों में जमकर बंदरबांट हुई है। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री लगाने का विरोध किया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी। आज विभिन्न गांव में लगी दर्जनों पंपसेट भवन व पाइप लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

-सईद अलवी भूजल की गुणवत्ता पीने योग्य नहीं है, इसलिए लोगों को समर्सिबल पंप लगवाना पड़ रहा है। गरीब लोग समर्सिबल पंप लगवाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए ग्रामीण अशुद्ध जल पीने को मजबूर हैं।

-बलबीर प्रधान पूरे गांव में पानी वितरण करने की योजना के तहत विभिन्न गलियों में पाइप लाइन बिछाई गई थी जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को खरीद कर पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

-दीपक शर्मा पंपहाउस व पाइपलाइन से आज तक एक बूंद पानी नहीं निकला। पंपहाउस जर्जर हालत में होने के कारण अब सफेद हाथी बन चुके हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए।

-प्रमोद

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