पैकेजिंग उद्योग पर मंडराया गहरा संकट, क्राफ्ट पेपर 30% महंगा; 10 लाख नौकरियों पर लटकी तलवार
क्राफ्ट पेपर की कीमतों में साप्ताहिक बढ़ोतरी से देशभर के कोरोगेटेड बॉक्स निर्माताओं का अस्तित्व संकट में है। हजारों एमएसएमई ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
क्राफ्ट पेपर की कीमतों में 30% तक की भारी वृद्धि।
देशभर के 30 हजार से अधिक एमएसएमई पर बंदी का खतरा।
लाखों लोगों की नौकरियां खतरे में, उद्योग संकट में।
रंजीत मिश्रा, ग्रेटर नोएडा। क्राफ्ट पेपर को लेकर खींचतान की स्थित फिर शुरू हो गई है। आगामी दिनों में त्योहार आने वाला है। इसे देखते हुए मिल मालिकों ने हर सप्ताह मूल्य बढ़ाना शुरू कर दिया है। क्राफ्ट पेपर की कीमतों में साप्ताहिक बढ़ोतरी से देशभर के कोरोगेटेड बॉक्स निर्माता का अस्तित्व संकट में पड़ने लगा है।
देनदारी, उधारी, बैंक लोन और मुनाफा में कमी ने इस उद्योग की पहले ही कमर तोड़ दी है। इससे हजारों एमएसएमई बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। उत्तर प्रदेश कोरोगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जीएसटी काउंसिल ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया तो उद्योग बर्बाद हो जाएगा। दो महीने से भी कम समय में पेपर मिलों ने हर हफ्ते दाम बढ़ाए हैं।
क्राफ्ट पेपर के दाम 30 प्रतिशत तक बढ़े
काेरोगेटेड बॉक्स के लिए मानक क्राफ्ट पेपर 25 से 30 प्रतिशत महंगा हो गया है, जबकि पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले हाई बीएफ क्राफ्ट पेपर में और अधिक उछाल आया है। पहले से ही कम मुनाफे पर चल रहे कंवर्टर्स पर भारी दबाव है। मिल मालिक हर सप्ताह मनमाने तरीके से मूल्य में बढ़ोतरी कर रहे हैं। इससे यह उद्योग के सामने नौकरी खोने का भी खतरा मंडरा रहा है।
जीएसटी में असमानता ने परेशानी बढ़ाई
जीएसटी में असमानता और कच्चे माल की मनमानी कीमत ने 13 प्रतिशत का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, जिससे 30 हजार से अधिक एमएसएमई की व्यवहार्यता और 10 लाख से अधिक नौकरी खतरे में है। संकट सिर्फ कीमत का नहीं, नकदी का भी है।
-एसके चौहान, अध्यक्ष यूपी कोरोगेटेड बॉक्स एसोसिएशन।
पहले पेपर सप्लायर 30 से 60 दिन का उधार देते थे, अब 7 दिन में भुगतान मांग रहे हैं, जबकि बॉक्स निर्माताओं को ग्राहकों से महीनों बाद भुगतान मिल रहा है। कोरोगेटेड बॉक्स पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया, लेकिन कच्चा माल क्राफ्ट पेपर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर
-अमित उपाध्याय, अध्यक्ष आइबीए ग्रेनो।
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