यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन व वोल्टास ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मांगी जमीन
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : चीन ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश की एक बार फिर रु

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : चीन ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निवेश की एक बार फिर रुचि दिखाई है। चीनी कंपनी का प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को यमुना प्राधिकरण पहुंचा और निवेश को लेकर चर्चा की। वहीं वोल्टास ने भी प्राधिकरण क्षेत्र में इकाई लगाने के लिए जमीन मांगी है। शुक्रवार को दोनों कंपनी के प्रतिनिधि प्राधिकरण को प्रस्ताव देंगे।
स्मार्ट फोन बनाने वाली शंघाई लॉग चीयर कंपनी के प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण सीईओ डा. अरुणवीर ¨सह के साथ बैठक कर निवेश का प्रस्ताव दिया। उन्होंने इकाई स्थापित करने के लिए दस एकड़ जमीन मांगी। कंपनी करीब तीन सौ करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसमें करीब एक हजार लोगों के लिए रोजगार का सृजन होगा। वहीं
वोल्टास ने इलेक्ट्रीकल उपकरण बनाने की इकाई लगाने की इच्छा जताई है। उसने प्राधिकरण से 35 से चालीस एकड़ जमीन मांगी है। कंपनी यहां चार सौ करोड़ रुपये का निवेश करेगी। करीब दो हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्राधिकरण अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सेक्टर 32, 33, 24 व 28 में जमीन का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले चीन की कंपनी प्राधिकरण क्षेत्र में टाउनशिप के लिए 15 सौ हेक्टेयर जमीन भी मांग चुकी है।
70 दुकानों की योजना : यमुना प्राधिकरण औद्योगिक भूखंड योजना के साथ ही 70 दुकानों की योजना भी निकालने जा रहा है। यह दुकानें 22 डी में है। प्राधिकरण सेक्टर में 51 सौ आवंटियों को फ्लैट पर कब्जा देने के लिए पत्र जारी कर रहा है। उन्हें दिसंबर तक फ्लैट पर कब्जा लेना होगा। लोगों कब्जा लेने के बाद फ्लैट में रह सके, इसके लिए प्राधिकरण सुविधाएं भी विकसित कर रहा है। दुकानों की योजना इसी मकसद से लाई जा रही है ताकि लोगों को रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए आस पास के कस्बे का रुख न करना पड़े।
फूड एवं हर्बल पार्क का निर्माण देखने पहुंचे बालकृष्ण
पतंजलि आयुर्वेद के एमडी आचार्य बालकृष्ण भी बृहस्पतिवार को यमुना प्राधिकरण पहुंचे। उन्होंने प्राधिकरण के सीईओ डा. अरुणवीर ¨सह के साथ वार्ता की और सेक्टर 24 में निर्माणाधीन फूड एवं हर्बल पार्क की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने प्राधिकरण से आवंटित शेष 25 एकड़ जमीन पर भी जल्द कब्जा देने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 455 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। 430 एकड़ जमीन पर फूड एवं हर्बल पार्क का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि जमीन आवंटन को लेकर मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है।