घर से खेलने निकले बच्चे का अपहरण कर दो लाख रुपये में बेचा, पुलिस ने किया बरामद
कासना पुलिस ने ग्रेटर नोएडा में छह साल के बच्चे का अपहरण कर दो लाख में बेचने वाले मानव तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।

ग्रेटर नोएडा में बच्चे का अपहरण कर बेचने वाला गिरोह पकड़ा ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
कासना पुलिस ने मानव तस्कर गिरोह का किया पर्दाफाश।
छह साल के अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद किया गया।
पुलिस मुठभेड़ में सात आरोपी गिरफ्तार, तीन घायल।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। कासना कोतवाली पुलिस ने छह साल के बच्चे का अपहरण कर दो लाख रुपये में बेचने वाले मानव तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
वारदात में शामिल पांच बदमाशों और खरीद-फरोख्त की साजिश रचने वाली दो महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को गांव डाढ़ा गोलचक्कर के पास हुई मुठभेड़ में तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी है।
बच्चे को परिजन को सौंपा
आरोपितों की निशानदेही पर छह प्रतिशत आबादी क्षेत्र से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर स्वजन को सौंप दिया है।
आरोपिताें की पहचान गुरमीत सिंह पुत्र महीपाल, सुमित कुमार पुत्र अशोक कुमार, अंकित कुमार पुत्र गंगादास, विकास पुत्र धर्मपाल सिंह और नकुल पुत्र धर्मपाल सिंह , सभी निवासी ननई थाना रहरा जिला अमरोहा और दो महिला आरोपित पुष्पा पत्नी गजराज निवासी अमरोहा हाल पता छह प्रतिशत कासना और कमलेश पत्नी ओम प्रकाश निवासी तुगलकाबाद थाना गोविंदपुरी दिल्ली के रूप में हुई है।
वर्तमान में सभी आरोपित गढ़ी गोलचक्कर सेक्टर-68 नोएडा और कासना के छह प्रतिशत क्षेत्र में रह रहे थे। मुठभेड़ में घायल गुरमीत, सुमित और अंकित को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपियों के पास से बरामद हुए ये हथियार
आरोपितों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल औरा कार , मोटरसाइकिल और 2.22 लाख रुपये नगदी बरामद की है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक, 13 अक्टूबर को कासना क्षेत्र से छह साल का बच्चा घर के बाहर खेलते-खेलते लापता हो गया था। सजन ने काफी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला।
14 अक्टूबर को स्वजन ने कासना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तो पता चला कि सामान्य गुमशुदगी नहीं, बल्कि सुनियोजित अपहरण और मानव तस्करी का मामला है।
पुलिस ने हथियार कब्जे में लिया
शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश ग्राम डाढा के पास बच्चा चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस ने डाढा गोलचक्कर के पास चेकिंग शुरू की। सामने से आती संदिग्ध औरा कार को रुकने का इशारा किया गया, सवार रुकने के बजाय तेजी से भागने लगे।
पुलिस ने पीछा किया तो कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर रुक गई। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर कार से उतरकर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में तीन बदमाश गुरमीत, सुमित और अंकित पैर में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़े।
मौके से तीन तमंचे, कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त औरा कार को भी कब्जे में ले लिया। घायलों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के बारे में बताया।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने विकास और नकुल को डाढा गोलचक्कर से ही गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से 20-20 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने पुष्पा और कमलेश को भी गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की बढ़ोतरी की है। टीम पर फायरिंग करने के मामले में घायल तीनों बदमाशों के खिलाफ थाना सिकंदराबाद बुलंदशहर में भी केस दर्ज किया गया है।
पूछताछ में सुमित ने किए खुलासे
पूछताछ में आरोपित सुमित ने बताया कि उसकी मामी पुष्पा ने बताया था कि दिल्ली निवासी कमलेश नामक महिला एक बच्चा खरीदने के बदले मोटी रकम देने को तैयार है। अगर कोई छोटा बच्चा मिल जाए तो उसे बेचकर अच्छे पैसे मिल जाएंगे।
इसके बाद सुमित ने अपने दोस्तों अंकित, नकुल और टैक्सी चालक गुरमीत को इस साजिश में शामिल किया।
साजिश के तहत 13 अक्टूबर की शाम अंकित और नकुल ने जिम्स अस्पताल के सामने से मोटरसाइकिल से बच्चे को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया।
सभी आरोपित गुरमीत की औरा कार से बच्चे को गाजियाबाद ले गए। वहां बच्चे को पुष्पा और कमलेश को सौंप दिया गया। इसके बदले उन्हें दो लाख रुपये नगद मिले थे और ढाई लाख रुपये बाद में मिलने तय हुए थे।
