नोएडा: एओए को गलत साबित करने कोर्ट गए बिल्डर को 24 करोड़ ट्रांसफर करने के आदेश
महागुन मजारिया सोसायटी में पंजीकृत एओए को गलत साबित करने पहुंचे बिल्डर को उच्च न्यायालय से झटका लगा है। कोर्ट ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर (AI-generated)
HighLights
बिल्डर को पंजीकृत एओए को गलत साबित करने में झटका
उच्च न्यायालय ने सोसायटी में नए एओए चुनाव का आदेश दिया
बिल्डर को एओए को 24 करोड़ रुपये फंड हस्तांतरित करने का निर्देश
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर-79 स्थित महागुन मजारिया सोसायटी की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) की पंजीकृत एओए को गलत साबित करने हाई कोर्ट पहुंचे बिल्डर को झटका लगा है।
सोसायटी में मतदाता सूची फाइनल होने के 15 दिनों के अंदर दोबारा एओए चुनाव होंगे। एओए गठित होने के बाद 15 दिनों के अंदर बिल्डर उसके खाते में इंटरेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी (आइएफएमएस) समेत अन्य फंड की रकम एओए के खाते में ट्रांसफर करेगा। एओए के अनुसार यह रकम करीब 24 करोड़ है।
महागुन मजारिया सोसायटी में एओए का चुनाव
बता दें महागुन मजारिया सोसायटी में एओए चुनाव हुए। चुनाव में गठित कार्यकारिणी को डिप्टी रजिस्ट्रार चिट्स एंड फंड गाजियाबाद ने पंजीकृत किया। गठित एओए को बिल्डर ने गलत और नीति विरुद्ध बताते हुए सात अक्टूबर को हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
मामले में 13 अक्टूबर को सुनवाई हुई। बिल्डर के अधिवक्ता ने कहा कि करोड़ों का फंड नीति विरुद्ध बनी एओए के खाते में हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। अदालत में सुनवाई के बाद दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने पर सहमत हो गए। कोर्ट के संज्ञान में आया कि परियोजना में 710 फ्लैट्स बिक चुके हैं और 446 फ्लैट्स को अधिभोग प्रमाण पत्र (ओसी) जारी हो चुका है।
अदालत ने बिल्डर को दिए आदेश
अदालत ने बिल्डर को यूपी अपार्टमेंट एक्ट 2010 की धारा 12 के तहत मांगे गए सभी दस्तावेज एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
इसके बाद दोनों पक्ष धारा 14(2) के अनुपालन के साथ एसोसिएशन गठित करेंगे। अदालत ने डिप्टी रजिस्ट्रार को चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के 15 दिनों के अंदर कामन एरिया और सभी बुनियादी सुविधाओं को हैंडओवर और फंड एसोसिएशन को सौंपने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है।
