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ग्रेटर नोएडा में किसानों का धरना एक माह के लिए स्थगित, मांगों पर बनी सहमति

Published: Thu, 17 Sep 2026 07:51 PM (IST)

भारतीय किसान यूनियन और किसान संघर्ष मोर्चा ने ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण कार्यालयों पर अपना धरना एक माह के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भाकियू और किसान संघर्ष मोर्चा का धरना स्थगित।

  2. अधिकारियों संग बैठक में मांगों पर बनी सहमति।

  3. आबादी भूखंड, मुआवजा और रोजगार मुख्य मुद्दे।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन का धरना एक माह के लिए स्थगित हो गया। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और प्राधिकरण सीईओ के साथ बैठक मेंं मांगों पर बनी सहमति के बाद एक माह के लिए धरना स्थगित करने का फैसला किया गया।

इससे पहले राकेश टिकैत और किसानोंं की सीईओ के साथ वार्ता हुई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित किसानों को चार प्रतिशत आबादी भूखंड का प्रकरण शासन में विचाराधीन होने की अधिकारियों ने बात कही।

आबादी लीजबैक के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। समिति तीन-तीन गांवों को शामिल करते हुए आबादी प्रकरणों की मौके पर जाकर जांच करेगी। जो प्रकरण नियमानुसार होंगे। उन पर निर्णय लिया जाएगा।

किसानों को दिए जाएंगे ये मौके

किसानों को आबादी लीजबैक को लेकर दस्तावेज व आपत्ति देने का मौका भी दिया जाएगा। यीडा में एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों को सात प्रतिशत विकसित भूखंड को लेकर सुरक्षा के साथ जल्द वार्ता का आश्वासन दिया गया।

इसके साथ ही जिन किसानों को अभी तक 64.7 प्रतिशत मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें जल्द मुआवजा देने, एयरपोर्ट से प्रभावित युवाओं को रोजगार की स्थिति की जानकारी देने का भी अधिकारियों ने भरोसा दिया है।

इसके साथ ही विस्थापन नीति में बदलाव को लेकर जिला प्रशासन स्तर पर फैसला जल्द होने की उम्मीद जताई गई। संगठन ने एक माह का समय देते हुए धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।

5 अक्टूबर तक बैठक का मिला आश्वासन

इस दौरान अधिकारियों के साथ संगठन नेता लगातार बैठक कर मांगों को लेकर हो रही कार्रवाई की जानकारी लेते रहेंगे। वहीं दूसरी ओर किसान संघर्ष मोर्चा ने भी प्राधिकरण सीईओ, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर के साथ बैठक के बाद धरना स्थगित कर दिया।

इस दौरान 10 प्रतिशत आबादी भूखंड को लेकर 5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव और औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया गया।

किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि 10 प्रतशित आबादी भूखंड का मुद्दा काफी समय से लंबित है। प्राधिकरणों की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करवाकर शासन को भेज चुके हैं।

ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो दिन-रात का शुरू होगा धरना

5 अक्टूबर तक लखनऊ में मुख्य सचिव व औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ वार्ता की जाएगी। किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि दस प्रतिशत आबादी के मुद्दे को शासन स्तर पर अनुमोदन के लिए पूरी ताकत से प्रयास किया जाएगा।

किसान एकता संघ के अध्यक्ष सोरन प्रधान ने कहा कि आबादी, नए कानून तथा भूमिहीनों की दुकानों के आवंटन सहित अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण स्तर से 15 अक्टूबर तक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।

निर्धारित समय सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो 6 अक्टूबर से दिन-रात धरना दिया जाएगा। इस दौरान संदीप भाटी, तेजपाल प्रधान, सुरेंद्र शर्मा, अशोक आर्य, राकेश बलराज विक्रम जयप्रकाश आर्य, उम्मीद त्यागी, नरेश मुखिया, मोनू मुखिया आदि उपस्थित रहे।

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