जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा: दिल्ली के निर्भया कांड ने देश भर को हिला कर रख दिया था। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों को सुरक्षा के फीचर लैस किया जा रहा है। एक अप्रैल 2018 से देश भर में सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन बस और टैक्सी में पेनिक बटन की अनिवार्यता होगी। नए वाहनों के साथ मौजूदा वाहनों में भी यह बटन लगाया जाएगा। जरूरत होने पर पीड़ित तक मदद पहुंचाना आसान हो जाएगा।

वाहनों की तादाद बढ़ने के साथ हादसों में भी इजाफा हो रहा है। हादसे रोकने के लिए वाहनों को सुरक्षा के नए फीचर से लैस किया जा रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर जोर है। इसके मद्देनजर सरकार एक अप्रैल 2018 से सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में पेनिक बटन की अनिवार्यता लागू करने जा रही है। नए वाहनों का पंजीकरण तभी होगा, जब उनमें पेनिक बटन होगा। इसके साथ ही मौजूदा पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी पेनिक बटन होगा। यह बटन सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा। यात्रा के दौरान अगर किसी यात्री को मदद की जरूरत होगी तो वह पेनिक बटन दबाकर कंट्रोल रूम तक संदेश पहुंचा सकेगा। वाहन की लोकेशन का पता लगाकर यात्री तक मदद पहुंचायी जा सकेगी। वहीं हादसे रोकने के लिए 2019 में कुछ और नए प्रावधान होंगे। चालक सीट बेल्ट नहीं लगाएगा तो बीप बजेगी। शुरू में यह बीप कुछ समय के लिए होगी। इसके बावजूद सीट बेल्ट न पहनने पर यह लगातार बजेगी। साथ ही वाहन को बैक करने के दौरान होने वाले हादसे की संभावना को समाप्त करने के लिए सेंसर लगाने होंगे। वाहन के पीछे कोई व्यक्ति या अन्य बाधा आने पर चालक तक सेंसर के जरिये संदेश पहुंच जाएगा। भविष्य में आने वाले वाहनों में इन फीचर को लागू कराया जाएगा। तभी वाहन सड़क पर उतर सकेंगे। ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक मनोज कुमार देसाई का कहना है कि पेनिक बटन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने वालों को सुरक्षा का अहसास होगा। जरूरत पर उन्हें मदद मिल सकेगी। नए फीचर से लैस वाहनों से हादसे रोकने में मदद मिलेगी।

By Jagran