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ग्रेटर नोएडा: टूरिस्ट परमिट की आड़ में नियमों की उड़ रहीं धज्जियां, सवारी और सामान ढो रहीं बसें, कटघरे में विभाग

By Ashish ChaurasiyaEdited By: Kapil Kumar
Published: Sat, 26 Sep 2026 10:06 AM (IST)

बसों द्वारा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे वे नियमों का उल्लंघन कर यात्रियों और ...और पढ़ें

ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग किया जा रहा। AI जनरेटेड

ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग किया जा रहा। AI जनरेटेड

HighLights

  1. ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट का बसों द्वारा हो रहा दुरुपयोग।

  2. नियमों का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से यात्री व माल ढुलाई।

  3. परिवहन विभाग की ढिलाई से सड़क सुरक्षा खतरे में।

आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की आड़ में लंबे रूट पर फर्राटा भरती बसें परिवहन विभाग के नियमों को पहियों तले रौंद रही हैं।

इस परमिट के तहत संचालक को बताना होता है कि बस कहां से कहां संचालित होगी और उस बीच किन स्थानों पर इसका स्टॉपेज होगा, लेकिन बस संचालक परमिट की शर्तों और निर्धारित संचालन व्यवस्था की अनदेखी कर मनमाने ढंग से यात्रियों को कहीं से भी बैठाते और उतारते हैं।

अवैध रूप से माल लोड करते हैं। क्षमता से अधिक यात्री व अवाध माल को लेकर दौड़ती बस परिवहन विभाग के जिम्मेदारों को नजर नहीं आती।

परिवहन विभाग के जानकारों के मुताबिक, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नियमों के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के निर्धारित स्टॉपेज की जानकारी देना अनिवार्य है। इसकी जानकारी बस संचालकों को अपने एप पर भी देनी होती है। बस में किसी भी तरह का डिलीवरी का सामान ले जाना प्रतिबंधित होता है।

इसके बाद भी नई दिल्ली, कश्मीरी गेट, आनंद विहार, सराय काले खां, कौशांबी, नोएडा, ग्रेटर नोएडा से रोजाना कानपुर देहात, कानपुर, लखनऊ, झांसी, हमीरपुर, मदौहा, अयोध्या समेत कई अन्य जिलों के अलावा बिहार, उत्तराखंड, राज्यस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लिए हजारों बसें रवाना होती हैं।

बसों के संचालक एप पर जानकारी अपडेट रखते हैं, लेकिन इसकी आड़ में ऑफलाइन सीट व सामान की बुकिंग को छिपा लेते हैं।

सूत्रों ने बताया कि इन बसों के संचालन में अधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक की मिलीभगत रहती है। हादसों के बाद चालान की कार्रवाई की खानापूरी कर विभाग पल्ला झाड़ लेता है, जबकि नियम के तहत लापरवाही बरतने पर वाहनों के खिलाफ मोटर अधिनियम की धारा 86 के तहत परमिट निरस्त करने की कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद भी नियमों को उल्लंघन जारी रहने पर वाहन सीज का नियम है।

यह हैं परमिट के नियम

स्टेज कैरिज परमिट की श्रेणी में बसें निर्धारित रूट पर संचालित होती हैं और मार्ग में निर्धारित स्थानों पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की व्यवस्था होती है। स्टेज कैरिज परमिट मोटर वाहन अधिनियम की धारा 72 के तहत जारी किया जाता है।

कांट्रैक्ट कैरिज परमिट

बस किसी व्यक्ति, संस्था या समूह के साथ किए गए अनुबंध के आधार पर संचालित होती है। परिवहन विभाग के विवरण में चार्टर्ड बसों को इसी श्रेणी में रखा गया है।

ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट

पर्यटक वाहन देशभर में संचालित कर सकते हैं। केंद्र सरकार के 2023 के आल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल्स परमिट नियमों का उद्देश्य वैध परमिट के आधार पर पर्यटक वाहनों का देशभर में निर्बाध संचालन है, लेकिन इसमें माल नहीं लाद सकते।

प्राइवेट सर्विस व्हीकल परमिट

किसी कंपनी, फैक्ट्री, संस्था या स्कूल द्वारा अपने कर्मचारियों या विद्यार्थियों को लाने-ले जाने के लिए।

नोएडा से महोबा जा रही बस BR32PA8647 का निबंधन मधुबनी डीटीओ से है। बस को बेस टूरिस्ट परमिट क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) मुजफ्फरपुर से 8 अप्रैल 2023 को तत्कालीन आरटीओ सचिव वरुण मिश्रा ने जारी किया। यह सात अप्रैल 2028 तक मान्य है। इस परमिट पर बस को बिहार के अंदर कहीं भी जा सकती है।

इसके बाद बस मालिक ने 8 अप्रैल 2026 से सात अप्रैल 2027 की अवधि के लिए आल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआइटीपी) का ऑथराइजेशन लिया। इसके लिए आवेदक को सिर्फ वेबसाइट पर जाकर निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। किसी आरटीओ जाने की जरूरत नहीं होती। अगर कोई चालान भी बकाया हो तो परमिट आटोमैटिक जारी हो जाता है।

10 हजार रुपये का जुर्माना

इसके बाद बस को टूरिस्ट सेवा के लिए देश में कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसके लिए बस मालिक को टूरिस्ट रूट, टूरिस्ट की संख्या, ग्रुप, तिथि आदि को अपने लाग बुक में दर्ज करना है। इसी बिंदु पर संबंधित अधिकारी जांच भी करते हैं। गलत पाए जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।

पहले भी अभियान चलाकर तीन दिन के दौरान करीब 50 बसों पर कार्रवाई की गई थी। इसी माह के 28 से 30 सितंबर तक अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक कनौजिया, एआरटीओ प्रवर्तन

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