जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के सख्त आदेश के बाद भी कॉलेज अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। कॉलेजों ने फीस न जमा होने के कारण कई छात्रों को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया। छात्रों ने कॉलेजों की मनमानी की शिकायत समाज कल्याण अधिकारी से की। उनके आदेश के बाद कॉलेजों ने कुछ छात्रों को प्रवेश पत्र जारी किया है। उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा एससी-एसटी व गरीब वर्ग के छात्रों को योजना के तहत फीस प्रतिपूर्ति का पैसा दिया जाता है लेकिन विभाग में हुए घोटाले के कारण पिछले लगभग दो वर्ष से छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिला है। इस कारण छात्रों ने फीस नहीं जमा की है। फीस न जमा होने के कारण कॉलेजों ने कई छात्रों को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया था। मामले की शिकायत छात्रों ने यूपीटीयू में की थी। इसके बाद यूपीटीयू ने सर्कुलर जारी कर कॉलेजों को निर्देश दिया था कि समाज कल्याण विभाग से आने वाले योजना के पैसों के कारण अगर कोई छात्र फीस नहीं जमा कर पाया है तो कॉलेज उसे परीक्षा देने से न रोकें। साथ ही विश्वविद्यालय ने ऐसा करने वाले कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। बावजूद कुछ कॉलेजों ने छात्रों को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया। बृहस्पतिवार को इन छात्रों ने कॉलेजों की शिकायत समाज कल्याण अधिकारी से की।

कुछ छात्रों का प्रवेश पत्र फीस न जमा होने के कारण रोका गया था। उन्हें प्रवेश पत्र दिलवा दिया गया है। कई ऐसे भी छात्र हैं जिनकी उपस्थिति कम है। उस मामले में कोई दखलंदाजी नहीं की गई है।

-करुणेश त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी।

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