जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा :

दादरी और बोड़ाकी रेलवे स्टेशन भविष्य में एक हो सकते हैं। इसके बाद दोनों जगह ट्रेन रुकने के बजाय एक ही स्टेशन पर रुका करेंगी। दरअसल, प्राधिकरण बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार कर रहा है। इसे राष्ट्रीय स्तर का स्टेशन बनाए जाने की योजना है। केंद्र सरकार में इसका प्रस्ताव विचाराधीन है। लेकिन जमीन न मिलने के कारण इसमें अड़चन आ रही है। बोड़ाकी के किसान स्टेशन के लिए जमीन देने को राजी नहीं हो रहे हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने स्टेशन को अजायबपुर और रामगढ़ के बीच बनाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए सर्वे पर किया गया था, लेकिन वहां पहले से डीएमआइसी की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीयल टाउनशिप के लिए 742 एकड़ जमीन आवंटित कर रखी है। जबकि रेलवे ट्रेक के दूसरी तरफ अंसल बिल्डर का प्रोजेक्ट है। जमीन उपलब्ध न होने की वजह से वहां भी अड़चन है। बोड़ाकी से दादरी की तरफ पल्ला, पाली और कठेड़ा गांव के बीच काफी जमीन खाली पड़ी है। कुछ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और शेष का होना बाकी है। प्राधिकरण इस जमीन को किसानों से सीधे खरीद रहा है। कठेड़ा गांव के दो दर्जन, पाली के एक दर्जन व पल्ला के तीन दर्जन किसान जमीन देने को तैयार भी हो गए हैं। उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र दिया है। प्राधिकरण की योजना अब इसी जमीन पर स्टेशन विकसित करने की है। यहां से दादरी रेलवे स्टेशन की दूरी करीब तीन किमी और बोड़ाकी की दूरी करीब डेढ़ किमी है। यदि इस स्थान पर स्टेशन को विकसित किया जाता है तो दादरी और बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पर फिर ट्रेन नहीं रुका करेंगी। इन दोनों के बीच विकसित किए जाने वाले नए स्टेशन पर ही ट्रेनें रुका करेंगी। इसका नाम दादरी से होगा अथवा बोड़ाकी से इसका निर्णय बाद में होगा।

नया स्टेशन पल्ला और पाली की तरफ बनेगा। इसके लिए किसानों से जमीन खरीदी जा रही है। स्टेशन के नजदीक गोदाम, वेयर हाउस, होटल, रेस्टोरेंट आदि भी होंगे। इससे लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

हरीश कुमार वर्मा, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण