यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
13 ठेकेदारों व बिल्डरों पर लगाया 10 लाख का जुर्माना
वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ब

जासं, ग्रेटर नोएडा :
वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार से चार दिनों तक शहर में हर तरह के निर्माण पर रोक लगाई हुई है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण ने बुधवार-बृहस्पतिवार को 13 ठेकेदारों, बिल्डरों व अन्य पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सभी प्राधिकरणों व स्थानीय प्रशासन को निर्माण कार्यो पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर एसीईओ दीपचंद ने कार्यालय आदेश जारी कर शहर में सभी तरह के निर्माण कार्यों पर चार दिनों के लिए रोक लगा दी। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग के साथ ही सभी वर्क सर्किल को भी दी। प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक जनस्वास्थ्य सलिल यादव ने बताया कि प्रदूषण रोकने के नियमों का उल्लंघन करने पर बुधवार और बृहस्पतिवार को 13 ठेकेदारों, बिल्डरों व अन्य पर 9.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, प्राधिकरण ने प्रदूषण फैलाने पर ग्रेटर नोएडा की परियोजनाओं पर काम कर रहे ठेकेदारों पर भी एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने पर पेनल्टी लगाई। सीईओ नरेंद्र भूषण ने शहरवासियों से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कूड़े को न जलाने, घरेलू कूड़े से खाद बनाने और आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की है।
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ठेकेदार जुर्माना (रुपये में)
मोनी कंस्ट्रक्शन 25 हजार
एसआरएस रियल एस्टेट 50 हजार
कैपिटल एथेना पांच लाख
एसएचएस मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट एक लाख
एसकेवी 50 हजार
एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर 25 हजार
हाइयर सेकेंड्री स्कूल 25 हजार
एसबीएसटी डेवलपर 20 हजार
जय शिवशंकर कंस्ट्रक्शन 25 हजार
नवदुर्गा बिल्डकाम 25 हजार
फुजीयामा पावर सिस्टम 50 हजार
वीडियोटेक्स इंटरनेशनल 50 हजार
लिशा इंजीनियर्स 50 हजार
