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UP News: जावेद से मिले बम हैं बड़े घातक, टाइमर बोतल बम की मारक क्षमता तीन सौ मीटर रेडियस, विस्फोट से हो जाए ढाई मीटर का गड्ढा

UP News तंत्र क्रिया करने वाली इमराना पहले से ही देश विरोधी कामों में शामिल रही है। उसने दंगे के दौरान लोगों को भड़काने एवं बम व अन्य हथियार मुहैया कराए थे। हालांकि इमराना आज तक पुलिस या अन्य एजेंसियों की नजर में नहीं आई थी। एसटीएफ की पूरी जांच अब इमराना पर आकर टिक गई है। उसकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रही हैं।

By Jagran News Edited By: Abhishek Saxena Published: Sat, 17 Feb 2024 12:33 PM (IST)Updated: Sat, 17 Feb 2024 12:33 PM (IST)
जावेद शेख को बम के साथ पकड़ा गया है।

मुकेश त्यागी, मुजफ्फरनगर। टाइमर बोतल बमों के साथ जावेद की गिरफ्तारी से एक बात साफ हो गई है कि राष्ट्र विरोधी ताकतें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से किसी बड़ी साजिश का तानाबाना बुन रही हैं। इसी कारण एसटीएफ और आइबी ने आरोपित जावेद से लंबी पूछताछ की है। इस मामले में आतंकी संगठनों का कनेक्शन भी तलाशा जा रहा है। हालांकि जावेद ने बताया कि इमराना इन बमों का इस्तेमाल तंत्र क्रिया में करना चाहती थी।

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जबकि एसटीएफ का कहना है कि जावेद को बम बनाने के लिए कई अन्य लोगों ने भी आर्डर दे रखे थे। उनकी भी जांच की जा रही है। साथ ही इमराना और उसके जुड़े लोगों की तलाश में एसटीएफ जुटी है। जल्द ही इमराना को गिरफ्तार किया जाएगा। कोतवाली में दर्ज मुकदमें में इमराना को आरोपित बनाया गया है।

पश्चिमी यूपी पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आतंकी जड़ें काफी गहरी रही हैं। आइबी से लेकर एटीएस मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली जिलों में छापेमारी कर चुकी हैं। पिछले दिनों एसटीएफ ने शामली से भी दो भाइयों को गिरफ्तार किया था, ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए काम करते थे।

इनके अलावा पिछले दिनों एटीएस मेरठ यूनिट ने हापुड़ के सतेंद्र सिवाल को आइएसआइ के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सतेंद्र रूस की राजधानी स्थित भारतीय उच्चायोग में सुरक्षा अधिकारी था।

पीएफआइ के चार सदस्य हुए थे गिरफ्तार

वर्ष 2013 में जिले में दंगा भड़क गया था। इसमें गांवों से लेकर शहर में काफी लोगों की जान गई थी। वर्ष 2020 में भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में मुजफ्फरनगर में बवाल हुआ था। इन दोनों मामलों में इमराना ने बड़ी भूमिका निभाई थी। बवाल के बाद पुलिस ने पीएफआइ संगठन के चार सदस्य फरमान, नफीस, मुरसलीन व इकबाल को पकड़ा था। जिनके पास से संगठन की प्रचार सामग्री बरामद हुई थी।

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तीन सौ मीटर रेडियस में है मारक क्षमता

बम निरोधक दल के अनुसार जावेद द्वारा बनाए गए टाइमर बोतल बम की मारक क्षमता तीन सौ मीटर रेडियस बताई गई। बम इतने मारक थे कि विस्फोट से जमीन में ढाई मीटर तक गड्ढा हो सकता था। कांच की बोतल में टाइमर बम को देखकर खुफिया एजेंसियां भी सकते हैं। वह यह पता करने में जुटी हैं कि इससे पहले जावेद ने किस-किस को बोतल में टाइमर बम बना कर दिए हैं।

मुजफ्फरनगर से जुड़ी प्रमुख संदिग्ध गतिविधियां

  • शहर के खालापार से वर्ष 1996 में पाक आतंकी जकारिया पकड़ा गया था।
  • वर्ष 2000 में जौला गांव से जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर मोहम्मद वारस पकड़ा गया था।
  • 14 मार्च 2003 में मुजफ्फरनगर से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी सज्जाद और इत्तफाकुल गिरफ्तार किए।
  • 23 अगस्त 2005 में लश्कर-ए-ताइबा के चीफ कोऑर्डिनेटर अबु रज्जाक मसूद का मुजफ्फरनगर कनेक्शन मिला
  • एनआइए ने शहर के सराफा बाजार निवासी ज्वैलर्स दो सर्राफा कारोबारियों को आतंकी फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।
  • वर्ष 2016 में कश्मीर युवक अब्दुल हमीद और जमीला को मंसूरपुर थानाक्षेत्र से पकड़ा गया।
  • अब्दुल हमीद 17 लड़कियों को उठा चुका था और उसके संबंध हिजबुल मुजाहिद्दीन से बताए गए थे।
  • दस जुलाई 2017 शहर के अंकित विहार निवासी संदीप शर्मा नामक युवक के तार आतंकी गतिविधियों से जुड़े पाए गए थे।
  • संदीप को अनंतनाग से गिरफ्तार किया गया था।
  • छह अगस्त 2017 को चरथावल के गांव कुटेसरा से भी एक बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून को गिरफ्तार किया गया। वह कई साल तक मदरसे में रहकर पढ़ाता था। 


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