यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तांत्रिक के कहने पर ढाई वर्षीय बेटी की हत्या
गांव खाईखेड़ा के जंगल में ईट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर ने रविवार रात तांत्रिक के कहने पर ढाई ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। गांव खाईखेड़ा के जंगल में ईट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर ने रविवार रात तांत्रिक के कहने पर ढाई साल की मासूम बेटी की फावड़े से काटकर हत्या कर दी और शव को गड्ढे में दबा दिया। पुलिस ने पिता व तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया। लोगों में तांत्रिक के कहने पर नरबलि देने की चर्चा भी गरम रही। हालांकि एसएसपी ने नरबलि से इन्कार करते हुए जांच की बात कही है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी रिहाना ने ककरौली थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि वह अपने पति वाजिद व पांच बच्चों के साथ गांव खाईखेड़ा के जंगल में ईंट पथेर का काम करती है। वहीं पर झोपड़ी बनाकर रहते हैं। रविवार रात सभी सोए थे। अचानक मध्य रात्रि में आंख खुली तो पति व ढाई वर्षीय बेटी तरन्नुम चारपाई पर नहीं थी। काफी देर बाद पति लौटा तो उसने बच्ची के बारे में पूछा। इधर-उधर की बातें करने के बाद पति ने बताया कि बराबर के भट्ठे पर काम करने वाले तांत्रिक इरफान निवासी मेरठ के कहने पर उसने तरन्नुम की हत्या कर दी है। शव को गड्ढा खोदकर दबा दिया है। प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और आरोपित पति व तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर बच्ची का शव गड्ढे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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पांच बच्चों में जुड़वां थी तरन्नुम
रिहाना ने बताया कि कुछ दिनों से उसके पति का व्यवहार बदला हुआ था। वह इरफान के साथ घंटों बातें करता था। तरन्नुम व तबस्सुम जुड़वां थीं। इन्होंने कहा
बच्ची की हत्या में उसके पिता व तांत्रिक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही हत्या का कारण सामने आ पाएगा। फिलहाल पुलिस को नरबलि संबंधी कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
-अभिषेक यादव, एसएसपी
