यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रदूषण फैलाने पर त्रिमूर्ति इंजीनियरिग पर लगा पौने 66 लाख का जुर्माना
औद्योगिक इकाइयों और बिल्डिग मैटेरियल विक्रेताओं पर गुरुवार को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई की। त्रिमूर्ति इंजीरियरिग वर्क्स ...और पढ़ें

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। औद्योगिक इकाइयों और बिल्डिग मैटेरियल विक्रेताओं पर गुरुवार को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़ी कार्रवाई की। त्रिमूर्ति इंजीरियरिग वर्क्स पर 65,75,000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं भोपा रोड और जानसठ रोड पर बिल्डिग मैटेरियल का काम करने वालों पर सड़क पर रेत, रोडी डालकर डस्ट फैलाने पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया।
एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान को प्रभावी कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम डीएम के आदेश पर क्षेत्र में निरीक्षण के लिए निकली। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह के नेतृत्व में टीम मेरठ रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में पहुंची। वहां मै. त्रिमूर्ति इंजीनियरिग वर्क्स (इंडक्शन फर्नेस) से अधिक मात्रा में डस्ट का उत्सर्जन मिला। विभागीय अधिकारियों ने जांच के बाद औद्योगिक इकाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 65,75,000 का जुर्माना लगा दिया। वहीं वायु अधिनियम के अन्तर्गत इकाई पर बंदी की कार्रवाई करने के लिए संस्तुति करते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड मुख्यालय लखनऊ को रिपोर्ट प्रेषित की गई। इसके बाद टीम ने भोपा रोड स्थित मै. श्यामा जी ट्रेडर्स व जानसठ रोड स्थित मै. कृष्णा बिल्डिग मैटीरियल द्वारा खुले में निर्माण सामग्री भंडारित करने पर धूल उत्सर्जन के चलते 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई के साथ-साथ शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए फायर विभाग, स्थानीय निकायों के सहयोग से शहर में वाटर स्प्रिंकलिग कराई गई। एंटी स्माग गन का प्रयोग शहर के विभिन्न मार्गों पर चल रहा है। त्रिमूर्ति इंजीनियरिग वर्क्स के साथ अन्य पर भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
