मुजफ्फरनगर, जेएनएन। कैथोड़ा गांव में विवादित भूमि पर कब्र खोदने से रोकने को लेकर दो संप्रदाय आमने-सामने आ गए। पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश शुरू की। पैमाइश पूरी नहीं होने के कारण दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का अस्थायी समाधान करा दिया गया।

कैथोड़ा गांव में एक भूमि को लेकर अनुसूचित समाज व मुस्लिम समुदाय के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष उक्त भूमि पर अपना दावा करते हैं। शनिवार को गांव निवासी मनिहार बिरादरी के अलीहसन की मौत हो गई। स्वजन शव को दफनाने के लिए कब्रिस्तान में कब्र की खोदाई करने पहुंचे। तभी अनुसूचित समाज के कुछ लोग भी वहां पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में हंगामा हो गया। जानकारी मिलते ही समाधान दिवस में मौजूद कानूनगो शमशाद अली व लेखपाल राजीव लोचन, मुकेश शर्मा, विनोद कुमार, चंद्रपाल शर्मा आदि गांव पहुंच गए। दोनों पक्षों से वार्ता कर भूमि की पैमाइश शुरू कर दी, लेकिन विवादित भूमि के आसपास गंदा पानी भरा होने के कारण पैमाइश पूरी नहीं हो सकी। जिसके बाद पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने दोनों पक्षों की सहमति से खोदी गई कब्र में ही अलीहसन के शव का सुपुर्द ए खाक कराकर अस्थायी समाधान कराया। साथ ही जल्द भूमि की पैमाइश कर समस्या का स्थायी समाधान का आश्वासन दिया।

दोनों पक्ष कर रहे हैं दावा

दोनों पक्ष उक्त भूमि को अपनी बता रहे हैं। अनुसूचित समाज के लोगों का कहना है कि वह दो वर्ष पूर्व उपजिलाधिकारी न्यायालय जानसठ से मुकदमा जीत चुके हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि दो दिन पूर्व भी उनके समाज की एक बच्ची को इसी भूमि में दफनाया गया था। यह उनका कब्रिस्तान हैं।

नहीं दिखा सके कागजात

दोनों पक्ष भूमि पर अपना दावा तो जताते रहे, लेकिन भूमि से संबंधित कागजात मौके पर उपलब्ध नहीं करा सका। राजस्व विभाग की टीम द्वारा कागजात मांगने पर दोनों पक्ष शांत हुए।

इनका कहना है..

उक्त भूमि पजावा (सरकारी) है, जिस पर दोनों पक्ष अपना दावा कर रहे हैं। दोनों पक्षों की सहमति से शव को उसी भूमि में दफना कर अस्थायी समाधान करा दिया गया है। भूमि के आसपास तालाब व वर्षा का पानी भरा होने के कारण पैमाइश पूरी नहीं हो सकी है। पैमाइश पूरी होने पर स्थायी समाधान कराया जाएगा।

-राजीव लोचन, लेखपाल मीरापुर।

Edited By: Jagran