मुजफ्फरनगर, जेएनएन। फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सहित परिवार के चार सदस्यों को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए चार्जशीट कोर्ट में जमा होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, जबकि मुख्य आरोपित और नवाजुद्दीन के भाई मिनाजुद्दीन को गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत करानी होगी।

बुढ़ाना निवासी फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी आलिया सिद्दीकी ने 27 जुलाई 2020 को मुंबई के वर्सोवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि नवाजुद्दीन दिसंबर 2012 में उसे व उसकी बेटी को बुढ़ाना स्थित अपने घर छोड़ गए थे। आरोप है कि वहां उसकी डेढ़ वर्ष की बेटी के साथ ज्यादती की गई थी। इस मामले में पुलिस ने नवाजुद्दीन सहित उनके भाई मिनाजुद्दीन, फैयाजुद्दीन, अयाुजुद्दीन और मां महरुनिशां के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। बाद मुकदमे को थाना बुढ़ाना स्थानांतरित कर दिया गया। 16 अक्टूबर को पुलिस ने आलिया सिद्दीकी के पोक्सो कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद नवाजुद्दीन के भाई मिनाजुद्दीन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। नवाजुद्दीन के अधिवक्ता नदीम जाफर जैदी ने बताया कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और संजय कुमार पचौरी की खंडपीठ ने सुनवाई कर नवाजुद्दीन, उनके भाई फैयाजुद्दीन, अयाजुद्दीन और मां महरुनिशां की गिरफ्तारी पर स्टे दिया है, जबकि मुख्य आरोपित मिनाजुद्दीन को अग्रिम जमानत करानी होगी।

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