जेएनएन, मुजफ्फरनगर। जानसठ के भलवा गांव निवासी श्याम सिंह हत्याकांड में मुआवजे को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने हिदू क्रांति सेना व हिदू जागरण मंच के लोगों के साथ शव सड़क के किनारे रख खतौली-जानसठ मार्ग पर जाम लगा दिया। आक्रोशित ग्रामीणों की खतौली विधायक से तीखी झड़प हुई, जिससे विधायक वहां से चले गए। राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।

भलवा गांव निवासी श्याम सिंह की हत्या बुधवार को दूसरे समुदाय के लोगों ने कर दी थी, जिससे गांव में तनाव हो गया था। स्वजन के अनुसार उनकी हत्या गोकशी की मुखबरी के कारण की गई थी। गुरुवार को ग्रामीणों ने हिदू जागरण मंच व हिदू क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं के साथ शव सड़क के एक ओर रखकर खतौली-जानसठ मार्ग पर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि मृतक के स्वजन को 50 लाख रुपये व सरकारी नौकरी और जानसठ में एक मकान दिया जाए। साथ ही आरोपितों पर रासुका लगाने की मांग की। जाम की सूचना पर खतौली, जानसठ, मीरापुर व सिखेड़ा आदि थानों की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंच गई। एसपी देहात अतुल कुमार श्रीवास्तव व सीओ जानसठ भी मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने।

इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि वह पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो गई है, बाकी के लिए वह प्रयास कर रहे है। राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। उनकी सभी मांग लिखित में दी जाएगी। साथ ही उन्होंने एसडीएम खतौली से मृतक के स्वजन को पांच लाख रुपये देने की घोषणा कर दी। उसके बाद स्वजन मान गए और जाम खोलकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान नरेंद्र कुमार, वैभव यादव, राजेश शर्मा, अंकुर राणा, मुकेश त्यागी, रंजीत शर्मा व प्रमोद प्रजापति आदि मौजूद रहे।

पीड़ित की आपबीती सुन राज्यमंत्री हुए नाराज

मृतक के पुत्र सुशील कुमार ने बताया कि एक माह से उन्हें लगातार धमकी मिल रही थी। गांव में उसके साथ मारपीट भी की गई, जिसकी शिकायत लेकर वह कोतवाली गया तो आरोपितों पर कार्रवाई नहीं की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान से भी इस बारे में बात की गई थी। बताया था कि वह भाजपा का बूथ अध्यक्ष है और उसकी बात पुलिस नहीं सुन रही है। पुलिस ने फोन कर उसे कोतवाली बुलाया था, जहां एसआइ ने उसके साथ मारपीट करते हुए शांतिभंग की धारा में उसका ही चालान कर दिया था। सुशील की पीड़ा सुन राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने एसपी देहात से उक्त एसआइ की पहचान कर निलंबित करने को कहा।

खतौली विधायक से भी हुई झड़प

जाम की सूचना पर खतौली विधायक विक्रम सैनी भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने गांव के लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे। इस पर विधायक और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई, जिससे नाराज होकर विधायक वहां से निकल गए। ग्रामीणों ने मंच से खतौली विधायक को चुनाव में देखने की बात कही।