शुकतीर्थ में 15 करोड़ से होगा सड़कों और जलनिकासी व्यवस्था का कायाकल्प, श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को मिलेगा लाभ
Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश सरकार ने तीर्थनगरी शुकतीर्थ के विकास के लिए 15.06 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे मुख्य ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मुख्य गलियों और संपर्क मार्गों पर सीसी सड़क का निर्माण होगा।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल की पहल पर शासन ने दी स्वीकृति।
जागरण संवादादाता, मुजफ्फरनगर। तीर्थनगरी शुकतीर्थ के विकास को लेकर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल की पहल पर आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में शुकतीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ छह लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इससे करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में मुख्य गलियों और संपर्क मार्गों पर सीसी सड़क तथा आवश्यक स्थानों पर नालियों का निर्माण कराया जाएगा।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शुकतीर्थ के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को देखते हुए क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन स्तर पर पैरवी की थी। स्वीकृत धनराशि से होने वाले कार्यों से क्षेत्र की आंतरिक सड़कों और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। बरसात में शुकतीर्थ की गलियों और संपर्क मार्गों पर जलभराव व कीचड़ के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सीसी सड़क और नालियों के निर्माण से इन समस्याओं में कमी आएगी। इसका लाभ शुकतीर्थ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और दुकानदारों को भी मिलेगा। राज्यमंत्री ने कहा कि शुकतीर्थ प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाएगा।
शुकतीर्थ पहुंची पुस्तक परिक्रमा मोबाइल बस प्रदर्शनी
भोपा: शुकतीर्थ श्री शुकदेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के द्वारा दिल्ली-एनसीआर पुस्तक परिक्रमा के तहत मोबाइल बस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बस में सजाई गई रंग-बिरंगी बाल साहित्य, द्विभाषी (हिंदी-अंग्रेजी), विज्ञान, तकनीक, इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों को देखा और अपनी पसंद की किताबें पढ़ीं।
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प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र उप्रेती ने कहा कि पुस्तकों से बढ़कर कोई सच्चा मित्र नहीं होता। डिजिटल युग में भी किताबों को पढ़ने का अपना एक अलग आनंद है। इस प्रकार की मोबाइल प्रदर्शनी बच्चों में पढ़ने की आदत को पुनर्जीवित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।
समन्वयक निखिल पांडे ने बताया कि मोबाइल पुस्तक प्रदर्शनी जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक निश्शुल्क आयोजित की जा रही है। इस दौरान राजकुमार, राकेश कुमार, गजराज मौजूद रहे।
