मुजफ्फरनगर, जागरण टीम। जानसठ में नामाकन के आखिरी दिन रात 10 बजे गाव चित्तौड़ा से प्रधान पद पर कुछ ग्रामीण अचानक नामाकन करने पहुंचे। प्रशासनिक अमला रात 10 बजे के बाद भी ब्लॉक में डटा रहा।

नामाकन का आखिरी दिन होने के कारण उम्मीदवार सुबह से ही नामाकन करने के लिए सुबह से लाइन में लग गए थे। दोपहर होते-होते इक्का-दुक्का ही नामाकन के लिए रह गए। नामाकन का अंतिम समय शाम पाच था। इसके बाद ब्लॉक परिसर में उम्मीदवारों के प्रवेश को वíजत कर दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक अमला रात 10 बजे के बाद भी ब्लॉक परिसर में जमा रहा। जिसमें एसडीएम जैनेंद्र कुमार, सीओ शकील अहमद, इंस्पेक्टर डीके त्यागी व कर्मचारी मौजूद रहे। अचानक से लगभग 10 बजे दो गाड़ियों में चित्तौड़ा गाव के ग्रामीण ब्लाक परिसर पहुंचे और प्रधान पद के लिए लगी बैरिकेडिंग की लाइन में लग गए। जब तक मीडियाकर्मी वहा पर पहुंचते तब तक वह अपने नामाकन पत्रों की रिसीविंग लेकर चलने लगे। अधिकारी इस बाबत कुछ भी बताने से बचते रहे और चुपचाप कार में सवार होकर ब्लाक परिसर से चले गए। जिससे ब्लॉक में नामाकन प्रक्रिया में गोलमाल का अंदेशा है। बाद में एसडीएम ने बताया कि जो लोग पाच बजे तक लाइन में लगे थे उनके नामाकन पत्र लेकर रख लिए गए थे। उन्हें रात को नामाकन पत्रों की रिसीविंग दी गई। अब सवाल यह उठता है जब शाम के समय इक्का-दुक्का लोग ही अपना नामाकन पत्र दाखिल करने के लिए रह गए थे तो रात 10 बजे किन लोगों को बुलाकर उनका नामाकन कराया गया?

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