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मुजफ्फरनगर की आरोग्य वाटिका में दुर्लभ औषधीय पौधों का संरक्षण, आयुर्वेद की विरासत को सहेजने की अनूठी पहल

Published: Tue, 20 Oct 2026 05:26 PM (IST)

मुजफ्फरनगर के जनता इंटर कॉलेज भोपा की आरोग्य वाटिका में अश्वगंधा, चंदन सहित कई दुर्लभ औषधीय प्रजातियों का संरक्षण किया जा रहा है।

ब्राह्मी का पौधा : जागरण

ब्राह्मी का पौधा : जागरण

HighLights

  1. जनता इंटर कॉलेज भोपा में आरोग्य वाटिका का निर्माण।

  2. अश्वगंधा, चंदन जैसे दुर्लभ औषधीय पौधों का संरक्षण।

  3. छात्रों को प्रकृति और आयुर्वेद का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान।

रोहिताश्व कुमार वर्मा, मुजफ्फरनगर। ग्रामीण अंचल में शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा को सहेजने की अनूठी पहल जनता इंटर कॉलेज भोपा में की जा रही है। विद्यालय की आरोग्यम वाटिका में अश्वगंधा, चंदन, तेजपत्ता, आंवला, दालचीनी, इलायची और काला बांसा सहित अनेक औषधीय पौधों को संरक्षित किया जा रहा है। यह वाटिका विद्यार्थियों के लिए प्रकृति की पाठशाला बनने के साथ ही शिक्षाविदों, आयुर्वेदाचार्यों, पर्यावरणविदों के आकर्षण का केंद्र भी बनी हुई है।

प्रधानाचार्य संजय कुमार ने बताया कि आरोग्यम वाटिका की स्थापना वर्ष 2025 में प्रधान रेखा धीमान और उनके बेटे तरुण धीमान के सहयोग से कराई गई थी। वाटिका में औषधीय पौधों की विभिन्न प्रजातियों को संरक्षित कर विद्यार्थियों को उनके महत्व से परिचित कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य किताबी ज्ञान के साथ बच्चों को प्रकृति, जैव विविधता और औषधीय वनस्पतियों की उपयोगिता का व्यावहारिक ज्ञान देना है।

औषधीय पौधों की उपयोगिता का मिलेगा ज्ञान

आरोग्यम वाटिका में अश्वगंधा, सदाबहार, सहजन, चंदन, तेजपत्ता, एलोवेरा, देशी हल्दी, करी पत्ता, इलायची, आंवला, अजवायन, काला बांसा, पत्थरचटा, दालचीनी और लेमन ग्रास समेत अनेक पौधे रोपित हैं।

विद्यालय में जल्द ही पौधों पर वैज्ञानिक नाम, हिंदी नाम और स्थानीय नाम दर्शाने वाली पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों और वाटिका का भ्रमण करने वाले लोगों को प्रत्येक पौधे की पहचान, विशेषताओं और उपयोगिता की जानकारी मिल सकेगी।

क्या होता है बॉटेनिकल गार्डन?

प्रधानाचार्य ने बताया कि बॉटेनिकल गार्डन ऐसा स्थान होता है, जहां विभिन्न प्रजातियों के जीवित पौधों को वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और उपयोगिता संबंधी आधार पर संरक्षित किया जाता है। ऐसे उद्यान जैव विविधता के संरक्षण, वनस्पति विज्ञान के अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वाटिका के माध्यम से विद्यार्थियों में औषधीय वनस्पतियों के प्रति रुचि विकसित करने और भारतीय आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

वाटिका के संरक्षण और देखरेख में विद्यालय के चीफ प्राक्टर संजीव राठी, वरिष्ठ जीव विज्ञान प्रवक्ता भीष्म कुमार, वरिष्ठ अंग्रेजी प्रवक्ता संजीव पुंडीर, वरिष्ठ पौधशाला प्रवक्ता संजीव वर्मा, वरिष्ठ कृषि प्रवक्ता अभिषेक चौधरी और वरिष्ठ बागवानी विशेषज्ञ कुलदीप कुमार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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