मुजफ्फरनगर में एक्टिव सिम कार्ड से थाईलैंड से हो रही थी ठगी, OTP भेजने वाले दो बदमाश गिरफ्तार; 53 लाख की ठगी का खुलासा
मुजफ्फरनगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो निजी जरूरत बताकर सिम कार्ड लेते थे। इन सिम के ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
मुजफ्फरनगर में दो आरोपी सिम कार्ड धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार।
थाईलैंड में बैठे ठगों को ओटीपी भेजकर करते थे धोखाधड़ी।
कुल 53 लाख रुपये की ठगी का हुआ पर्दाफाश।
संवाद सहयोगी, मुजफ्फरनगर। लोगों को निजी जरूरत का हवाला देकर उनके नाम पर सिम कार्ड लेकर थाईलैंड में बैठे साथियों को नंबर उपलब्ध कराने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके दिए सिम से थाईलैंड में वाट्सएप पर लागिन कर भारत में रहने वाले लोगों से ठगी की जा रही थी।
दोनों आरोपित कक्षा 12वीं तक पढ़े हैं। गिरफ्तार कबीर अग्निवीर बनने को तैयारी कर रहा था। एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि ‘प्रतिबिंब’ पोर्टल पर मुजफ्फरनगर से फर्जी वाट्सएप काल और मैसेज के जरिये ठगी की शिकायत मिली थी।
आरोपित मोनू व कबीर से दो मोबाइल बरामद हुए, जिससे 70 सिम सक्रिय किए गए। इसके बाद इन सिम नंबरों पर आए ओटीपी थाईलैंड में बैठे साथियों को भेजे जाते थे। थाईलैंड में बैठे ठग भारतीय लोगों से ठगी करते थे। बंगाल व झारखंड में दो मामलों में 53 लाख 83 हजार की ठगी की गई।
ऐसे लेते थे सिम
आरोपितों ने बताया कि वे परिचितों से निजी जरूरत का हवाला देकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवाते थे। इसके बदले उन्हें 50 रुपये देते थे। इसके बाद शाहपुर क्षेत्र में सिम सक्रिय कर उन पर मिले ओटीपी को थाईलैंड में बैठे साथियों को भेजते थे। ताकि वे भारतीय नंबरों पर वाट्सएप को लागिन कर ठगी कर सकें।
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एक सिम के बदले उन्हें तीन हजार रुपये मिलते थे। थाईलैंड में बैठे साथी वाट्सएप पर जो मैसेज भेजते थे उसका जवाब गूगल की मदद से परिवर्तित कर वहां की भाषा में देते थे।
