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फिल्मी स्टाइल में वारदात! भूमि बेचने वाले किसान से लेकर लेखपाल व नोटरी सब फर्जी, साधु से लाखों की ठगी में सात गिरफ्तार

By Dilshad Ali Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 19 Mar 2026 05:57 PM (IST)

Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर में शुकतीर्थ स्थित निर्मोही अखाड़ा आश्रम के महाराज विष्णुदास से 28.50 लाख रुपये की ठगी का ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में जानकारी देते अधिकारी, गिरफ्त में आरोपित, इंसेट में बरामद रुपये। जागरण

मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में जानकारी देते अधिकारी, गिरफ्त में आरोपित, इंसेट में बरामद रुपये। जागरण

HighLights

  1. मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ स्थित निर्माेही अखाड़ा आश्रम के महाराज को दिया था झांसा।

  2. पूर्व सेवादार हासिम निकला मास्टरमाइंड, फर्जी किसान से कराया 42 बीघा भूमि का सौदा

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ स्थित निर्माेही अखाड़ा आश्रम के महाराज से भूमि के नाम पर 28.50 लाख रुपये की ठगी करने के गिरोह का पुलिस ने राजफाश किया है।

महाराज के आश्रम के सेवादार मुस्लिम युवक ने अपने साथियों के संग मिलकर षड़यंत्र रचा था। सरगना सेवादार के गिरोह के सदस्य लेखपाल, किसान समेत फर्जी शपथ-पत्र बनाने व नोटरी करने वाले अधिकारी बने थे। पुलिस ने सरगना समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार 22 लाख रुपये, कंप्यूटर तथा फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।

पुलिस लाइन के सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मूलरूप से हाथरस के थाना चंदपा के गांव भघना निवासी महाराज विष्णुदास पुत्र रामबिहारी लगभग 18 वर्ष से शुकतीर्थ में निर्मोही अखाड़ा आश्रम के संचालक हैं।

उनके आश्रम में आठ वर्ष से हासिम पुत्र मांगा निवासी मुहल्ला नई बस्ती, भोकरहेड़ी गोसेवा एवं सेवादार था। उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर महाराज को भूमि खरीदने का झांसा दिया और षड़यंत्र रचकर वारदात की है। 17 फरवरी को महाराज विष्णुदास से सुखविंद्र पुत्र सोहनवीर निवासी गांव गादला को फर्जी किसान नजीर पुत्र मिर्जामान बनाकर मिलवाया। उसने महाराज के सामने अपनी 42 बीघा पोपुलर पेड़ की भूमि 31 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया।

बाद में आरोपित सुखविंद्र ने अपने साथी फैजान पुत्र इस्माइल निवासी भोकरहेड़ी ने महाराज को फर्जी भूमि दिखाई। जिसकी रवीश कुमार पुत्र सुभाष निवासी मुहल्ला नई बस्ती, भोकरेड़ी को रितेश नाम से फर्जी लेखपाल बनाकर भूमि की पैमाइश कराई गई।

पैमाइश के बाद सरगना हासिम ने अपने साथियों प्रवीण पुत्र भंवर सिंह निवासी कलालान, भोकरहेड़ी, अब्दुल कादिर पुत्र महबूब हसन निवासी किशनपुर, जमालपुर थाना भगवानपुर हरिद्वार के संग महाराज से फर्जी इकरारनामा बनाने के बाद 28.50 लाख रुपये हड़प लिए और फरार हो गए। पुलिस ने सातों आरोपितों को तुगलगपुर रोड पर सीकरी में स्थित सिराज के मुर्गी फार्म से गिरफ्तार किया है।

इनके कब्जे से फर्जी नोटरी व आधार कार्ड बनाने के लिए कंप्यूटर, 22 लाख रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ के बाद आरोपितों का चालान कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है। एसएसपी ने भोपा पुलिस को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।

महाराज का विश्वास जीतकर रचा खेल

पकड़ा गया सरगना हासिम केवल साक्षर है, लेकिन उसके गिरोह में नोटरी व राजस्व विभाग कर्मी बनने वाला प्रवीण डबल एमए के साथ वर्ष 2016 में यूपीपीसीएस की परीक्षा दे चुका है। 12वीं पास अब्दुल कादिर ने सभी लोगों के फर्जी आधार कार्ड बनाए थे।

सुखविंद्र, रवीश भी 12वीं पास है। एसएसपी ने बताया कि महाराज ने हाथरस में अपनी पैतृक भूमि बेची थी, उसका पैसा अाश्रम में रखा था। लाखों रुपये देखकर सरगना हासिम को लालच आया था। उसके बाद महाराज का विश्वास जीतकर पूरा खेल रचा था।

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छह लाख रुपये कर दिए खर्च

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि हासिम ने सभी आरोपितों को एक-एक लाख रुपये में तैयार किया था। किसान, फर्जी नोटरी, लेखपाल समेत राजस्व विभाग का कर्मी बनने वाले सदस्यों को एक-एक लाख रुपये दिए थे। इन रुपयों को आरोपितों ने अपने कार्यों में खर्च कर दिया। उधर, पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट महाराज विष्णुदास महाराज ने एसएसपी व भोपा पुलिस का आभार प्रकट किया।

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