मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) विभाग कथित गोदाम स्वामी महिला की तलाश में जुटा है। इस महिला के आधार पर कई कारोबार करने वाले लोगों ने एक ही गोदाम पर कारोबार करने के लिए जीएसटी पंजीकरण मांगा है। आवेदनों की पड़ताल की गई तो किरायानामा एक समान मिला है। इसके बाद विभाग ने पंजीकरण निरस्त कर कारोबारियों समेत महिला की जांच-पड़ताल के साथ खोजबीन शुरू की है। 

यह है मामला 

जीएसटी विभाग में आनलाइन जीएसटी पंजीकरण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। हरियाणा, दिल्ली, मेरठ समेत आसपास के कारोबारियों ने जीएसटी खंड-2 में जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदन किया। इन लोगों ने अनाज क्रय-विक्रय, स्क्रैब (लोहा-कबाड़), वुड व्यापार समेत चार से अधिक कारोबार के लिए अलग-अलग आवेदन किए गए हैं। 

जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए 

डिप्टी कमिश्नर सतीशंचद बिंद ने उनके पोर्टल पर पंजीकरण की तिथियां प्रदर्शित होने के बाद मामले की जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। चार कारोबारियों ने एक ही गोदाम पर आवेदन किया है, जबकि ऐसा नहीं हो सकता। साथ ही एक ही महिला के नाम से बुढ़ाना रोड की इरशादनगर कालोनी का किरायानामा बना है।

महिला ने गोदाम को किराये पर दिया जाना दर्शाया 

महिला ने गोदाम को 8 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया जाना दर्शा रखा है। जल्दबाजी में कथित कारोबारी और गोदाम स्वामी महिला गच्चा खा गए। यह आवेदन 50 रुपये के स्टांप पर बनाकर जीएसटी के पंजीकरण पोर्टल पर अपलोड किया गया। चारों आवेदनों की गहनता से जांच के बाद इन्हें निरस्त कर दिया गया। 

महिला की तलाश में जुटा विभाग

मानक विपरीत आवेदन और किरायानामा देने वालों के विरुद्ध विभाग कार्रवाई में लगा है। गोदाम स्वामी महिला की तलाश के लिए बुढ़ाना रोड समेत गांव अंती में भी छानबीन कराई जा रही है। इससे पहले भी फर्जी तरीकों से आवेदन पकड़ में आए हैं। विभागीय अधिकारी स्टांप के आधार पर जांच कर रहा है। तहसील में नोटरी के साथ स्टांप खरीदार का रिकार्ड खोजा जा रहा है।

 

Edited By: Parveen Vashishta

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