यूपी में कातिल पत्नी को उम्रकैद, चुनरी से गला घोंटकर पति को मारा था; प्रेमी देवर को भी आजीवन कारावास
मुजफ्फरनगर में अवैध संबंध के चलते पति की हत्या करने वाले देवर-भाभी को विशेष न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई ...और पढ़ें

पति की हत्या में पत्नी को उम्रकैद।
HighLights
देवर-भाभी को पति की हत्या में उम्रकैद की सजा।
अवैध संबंधों के चलते की गई थी यह जघन्य वारदात।
मृतक का शव शौचालय के गड्ढे में छिपाया गया था।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। अवैध संंबंध के विरोध में हत्या करने के दोषी देवर-भाभी को विशेष न्यायालय एससी-एससी एक्ट के पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार तालियान ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
महिला और देवर के बीच अवैध संबंध थे। महिला ने देवर के साथ मिलकर पति की चुनरी से गला घोंटकर हत्या की थी। उसके बाद शव को निर्माणाधीन शौचालय के गड्ढे में डाल दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के गले की हड्डी टूटी मिली थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने बताया कि पुरकाजी के गांव मांडला निवासी असलम ने सात जून 2023 को थाने गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि उसका चचेरा भाई साकर पुत्र फरीद लापता है। पुलिस ने मोबाइल काल डिटेल के आधार पर उसकी छानबीन की।
जांच के बाद 15 जून 2023 को मामले का राजफाश किया था। इसमें साकर की पत्नी आसिया और सौतेले भाई सुहैल को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर शौचालय के गड्ढे से साकर का शव बरामद किया था। दोषी सुहैल के सऊदी अरब से आने के बाद भाभी आसिया के साथ अवैध संबंध हो गए थे।
छह जून 2023 को दोनों को साकर ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसी रात आसिया ने सुहैल के साथ मिलकर सोते समय साकर की चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। दोनों ने उसका शव शौचालय के गड्ढे में डाल दिया था। हत्याकांड में पिता फरीद ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
दोनों दोषी 16 जून 2023 से जेल में जिला कारागार में निरुद्ध हैं। मंगलवार को दोनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। न्यायालय ने देवर-भाभी को उम्रकैद की सजा के साथ 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सजा दिलाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चुनरी व मिट्टी की एफएसएल रिपोर्ट अहम साक्ष्य रहे। अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह पेश किए। इनमें से गवाह साकर का पिता फरीद, भाई शोएब, पारिवारिक स्वजन समसूदीन, असलम समयद्दीन, इश्तेखार पक्षद्रोही हो गए थे।
जिस मकान में रहना था, वहां की हत्या
एडीजीसी आशीष कुमार त्यागी ने बताया कि जिस मकान में साकर का शव मिला था। उसे फरीद छोटे पुत्र सुहैल के लिए बनवा रहा था। साकार व उसकी पत्नी आसिया इसी मकान में रह रहे थे। चारपाई पर सोए साकर के गले में चुनरी डालकर सुहैल ने सांस थमने तक कसकर रखी थी, वहीं आसिया ने दोनों हाथ पकड़े थे। दोनों की निशानदेही पर आला-ए-कत्ल भी बरामद हुआ था।
