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टेप से मुंह बांधकर गड्ढे में फेंकी थी लाशें, कुरुक्षेत्र के 8 साल पुराने तिहरे हत्याकांड में महिला सहित 9 को उम्रकैद

Published: Wed, 14 Oct 2026 09:08 AM (IST)

कुरुक्षेत्र के पिंडारसी गांव में 2018 के तिहरे हत्याकांड में अदालत ने एक महिला सहित नौ दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत से निकलकर रोने लगे दोषी (जागरण फोटो)

अदालत से निकलकर रोने लगे दोषी (जागरण फोटो)

HighLights

  1. कुरुक्षेत्र तिहरे हत्याकांड में नौ दोषियों को आजीवन कारावास

  2. 2018 के मामले में एक महिला भी दोषी करार

  3. दोषियों ने मुंह पर टेप लगाकर हत्या की थी

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। गांव पिंडारसी में हुए तिहरे हत्याकांड में दोषियों को कुरुक्षेत्र की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक महिला सहित नौ दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

दोषी राजस्थान के जिला दौसा निवासी हरकेश उर्फ राकेश, फोकरिया, यादराम उर्फ बेरा, रामलाल, बन्नी, मुकेश, कमलेश, रमेश कुमार व महिला मीरा को आजीवन कठोर कारावास के साथ 6-6 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा ने करने की सूरत में तीन माह अतिरिक्त कठोर कारावास झेलना होगा।

जिला न्यायवादी जयमल ने बताया कि 22 मई 2018 को जीआरपी पुलिस को दिए अपने बयान में गांव पिंडारसी निवासी ईशम सिह बताया कि उसका भाई राजा राम, अर्जुन और गांव सलपानी निवासी संदीप पिंडारसी रेलवे स्टेशन के पास डेरे में रहते थे और वहीं भेड़ बकरी रखते थे। उनके पास करीब 500 भेड़, 3 बकरी, 2 बकरी के बच्चे व 2 गधे थे।

मुंह पर लगी थी टेप, हाथ-पैर रस्सी से बंधे

22 मई की सुबह पांच बजे उन्हें सूचना मिली की रेलवे स्टेशन पिंडारसी के पास रेलवे लाइनों पर गाड़ी के नीचे आकर भेड़ कट गई हैं। जब वह रेलवे लाइनों पर पहुंचे तो देखा कि लाइन पर भेड़ कटी पड़ी हैं तथा कुछ भेड़ घायल पड़ी हैं।

उसके बाद उसने अपने भाइयों की तलाश की तो खेतों के पास गड्ढों में में राजा राम व अर्जुन मृत पड़े थे और संदीप गंभीर अवस्था में घायल पड़ा था।

तीनों के मुंह पर प्लास्टिक की टेप लगी थी वा हाथ पैर रस्सी से बंधे हुए थे। मामले की सूचना पर जीआरपी थाना में मामला दर्ज करके पहले जीआरपी थाना तथा बाद में पुलिस उप अधीक्षक मुख्यालय द्वारा जांच की गई। 30 मई 2018 को जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान के जिला दौसा निवासी आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

ये दोषी शामिल

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले में नियमित सुनवाई करते हुए गवाहों व सबूतों के आधार पर हरकेश उर्फ राकेश, फोकरिया, यादराम उर्फ बेरा, रामलाल, बन्नी, मुकेश, कमलेश, रमेश कुमार तथा महिला मीरा को दोषी करार देते हुए आइपीसी की धारा 396 के तहत आजीवन कठोर कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना न भरने की सूरत में 3 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही धारा 120-बी (1) के तहत 5-5 साल कठोर कारावास व 1-1 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना न भरने की सूरत में 1 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

सजा सुनते ही फूट-फूट कर रोने लगे दोषी

अदालत के आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाते ही दोषी फूट-फूट कर रोने लगे। मामले में दोषी महिला भी अपने पल्लू के पीछे मुंह छिपाकर आंसू पोंछती दिखी। कई दोषी अदालत से रोते हुए ही बाहर निकले।

अदालत परिसर से बाहर उनके स्वजन भी सहमे रहे। एक दिन पहले सभी को दोषी करार दिए जाने के बाद पहले से ही उन्हें इस बात का अंदेशा था कि आज अदालत उन्हें जेल भेजने का फैसला सुनाएगी, लेकिन कितने साल का यह नहीं पता था। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनने के बाद कई दोषी कोर्ट के बाहर रोते हुए और आंसू पाेछते हुए ही निकले।