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प्रधानमंत्री बनने से पहले लाल बहादुर शास्त्री ने इस कॉलेज में की थी नौकरी, पांच रुपये पाते थे वेतन

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:59 PM (IST)

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने प्रधानमंत्री बनने से पहले मुजफ्फरनगर के बिरालसी स्थित दयानंद गुरुकुल इंटर कॉलेज में दो साल तक पांच रुपये मासिक वेतन पर पढ़ाया था।

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HighLights

  1. शास्त्री जी ने बिरालसी गुरुकुल में पांच रुपये वेतन पर पढ़ाया।

  2. प्रधानमंत्री बनने से पहले दो वर्ष तक विद्यार्थियों को दी शिक्षा।

  3. स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने के बाद छोड़ा अध्यापन कार्य।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का चरथावल क्षेत्र के ग्राम बिरालसी स्थित दयानंद गुरुकुल इंटर कॉलेज से गहरा जुड़ाव रहा है। देश के प्रधानमंत्री बनने से पहले शास्त्री ने यहां पांच रुपये मासिक वेतन पर शिक्षक के रूप में करीब दो साल तक विद्यार्थियों को पढ़ाया था। वे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ देशभक्ति, स्वदेशी, खादी और एकता का संदेश देते थे।

गुरुकुल से उपप्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त प्रधान लोकेश कुमार पुंडीर ने बताया कि लाल बहादुर शास्त्री को संस्कृत पढ़ाने में विशेष रुचि थी। वे मृदुभाषी, सादगी पसंद और अनुशासनप्रिय शिक्षक थे। उस समय गुरुकुल में करीब 55 ब्रह्मचारी अध्ययनरत थे।

अध्यापन के बाद वे गुरुकुल की गायों को सोंटा लेकर जंगल में चराने भी जाते थे। इसी कारण उनकी पहचान ‘सोंटा वाले मास्टर जी’ के रूप में भी थी। शास्त्री आर्यसमाज से जुड़े थे और गुरुकुल में अध्यापन कार्य शुरू करने से पहले प्रतिदिन यज्ञशाला में हवन करते थे। आज भी गुरुकुल की यज्ञशाला में नियमित यज्ञ होता है।

स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़कर छोड़ दिया था अध्यापन

शास्त्री ने 1921 से 1923 के बीच ग्रामीण अंचल में स्वाधीनता की अलख जगाई। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने के बाद उन्होंने शिक्षक का दायित्व छोड़ दिया। बाद में मालवीय और लाला लाजपत राय से जुड़े लोक सेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में उन्हें जिले की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

1905 में रखी गई थी गुरुकुल की नींव

स्वामी दयानंद सरस्वती के नाम पर रुड़की के निकट पनियाला निवासी महात्मा सुमेर सिंह ने वर्ष 1905 में बिरालसी में गुरुकुल की स्थापना कराई थी। काशी विद्यापीठ से दर्शनशास्त्र में हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद शास्त्री बिरालसी में पढ़ाने आए थे। वर्तमान में यहां दयानंद गुरुकुल इंटर कॉलेज संचालित है। गुरुकुल में आज भी पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस सादगी के साथ मनाया जाता है।

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