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जागरण विमर्श: मुजफ्फरनगर में औद्योगिक विकास के लिए टाउनशिप की उठी मांग, 20 साल के विजन पर हुआ मंथन

By Abhishek KaushikEdited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 26 Oct 2026 03:30 PM (IST)

Jagran Vimarsh: मुजफ्फरनगर में जागरण विमर्श में औद्योगिक विकास के लिए एक सुनियोजित टाउनशिप और 20 साल के विजन की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उद्योगों के लिए भूमि, बिजली, कौशल विकास पर चर्चा।

  2. कौशल विकास से संबंधित शिक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। औद्योगिक विकास के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। आज के छोटे-छोटे कदम ही बेहतर कल की नींव रखते हैं। जागरण विमर्श के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि मुजफ्फरनगर के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक टाउनशिप का निर्माण किया जाए और कम से कम आगे के 20 साल पर नजर रहे।

यहां की गुड़ मंडी, पेपर और स्टील फैक्ट्री से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग जुड़े हुए हैं। शासन स्तर पर बनने वाली यहां की योजनाओं को थोड़ा लचीलापन दिया जाए, ताकि विकास की रफ्तार तेज हो सके। इसके साथ कौशल विकास से संबंधित शिक्षा पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

मंसूरपुर रोड स्थित होटल मेडलिन में आयोजित जागरण विमर्श में आइआइए के पूर्व चेयरमैन विपुल भटनागर, यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, उपायुक्त उद्योग जैस्मिन और ऊर्जा निगम के चीफ इंजीनियर विनोद गुप्ता मुख्य वक्ता रहे।

विपुल भटनागर ने कहा कि छोटे उद्योग को कानून और बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है। यहां का उद्योग तब भी मजबूती से खड़ा था, जब उत्तराखंड में टैक्स पर छूट दी जा रही थी, और आज भी आगे बढ़ रहा है।

हालांकि यहां पर अब जगह की कमी साफ दिखती है। उद्योग लगाने के लिए जमीन महंगी हो गई है। विदेश में जमीन को लीज पर दिया जाता है। कुछ ऐसा ही यहां पर होना चाहिए। एक टाउनशिप भी यहां की बड़ी जरूरत बन गई है।

बिजली की बात करें तो ट्रिपिंग भी बड़ी समस्या है। इंस्पेक्टर राज फिर से लौट रहा है। दोनों समस्याओं के समाधान की जरूरत है। ट्रिपिंग की समस्या का समाधान करते हुए चीफ इंजीनियर ने कहा कि जल्द ही इससे निजात मिलेगी।

ओवरहेड इंसुलेटिड कंडेक्टर और भूमिगत केबल का प्रस्ताव भेजा गया है। शहर के लिए 132 केवी का नया बिजलीघर भी बन रहा है। 30 दिन में उद्यमियों को नया कनेक्शन दिया जाता है। पंकज अग्रवाल ने कहा कि उत्पादन महंगा है, और कागज सस्ता है। सरकार 24 घंटे बिजली का दावा करती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इससे सुधार की आवश्यकता है।

आइटीआइ में भी कौशल विकास से संबंधित नए कोर्स की शुरुआत होनी चाहिए। उपायुक्त उद्योग ने कहा कि सभी विभाग जब एक मंच पर आएंगे, तभी विकास की गति बढ़ेगी। यहां से प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजे जा रहे हैं। जल्द ही विकास दिखाई देगा।

किसानों के लिए चरथावल और पुरकाजी में लैब तैयार हो रही हैं। इसके बाद किसानों को जांच के लिए कहीं ओर नहीं जाना पड़ेगा। अंत में वक्ताओं से विमर्श में आए लोगों ने सवाल भी किए। अशोक कुमार ने कहा कि मखियाली गांव के पास कचरे के ट्रक खड़े रहते हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है।

इस पर पंकज अग्रवाल ने कहा कि फैक्ट्रियों के अंदर ट्रकों को खड़ा करने की व्यवस्था कराई जाएगी। सुधा भटनागर ने सवाल किया कि गुड़, पेपर और स्टील इंडस्ट्री से संबंधित कोर्स पाठ्यक्रम में शामिल होने चाहिएं, ताकि रोजगार मिल सकें।

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विपुल भटनागर ने जवाब दिया कि आइटीआइ में इसकी शुरुआत हो रही है। जल्द ही रिजल्ट दिखेगा। आइआइए ने एक साफ्टवेयर भी बनाया है, जहां काम के हिसाब से नौकरी मिलेगी। अहसान त्यागी ने सवाल पूछा कि वायु और जल प्रदूषण अधिक हो रहा है।

इस पर पंकज अग्रवाल ने कहा कि फैक्ट्रियों से प्रदूषण 30 प्रतिशत है, जबकि सड़क की धूल से 70 प्रतिशत हो रहा है। रही बात जल प्रदूषण कि तो किसी भी फैक्ट्री से जमीन में पानी नहीं छोड़ा जाता है।