जागरण विमर्श: मुजफ्फरनगर में विकास के विजन पर मंथन, ‘क्राइम कैपिटल’ से ‘ग्रोथ कैपिटल’ बनने की कहानी
Jagran Vimarsh: मुजफ्फरनगर में 'जागरण विमर्श' कार्यक्रम में जिले के विकास के विजन पर गहन चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों और ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर में जागरण विमर्श में विचार व्यक्त करते राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देश अग्रवाल। जागरण
HighLights
जागरण विमर्श में विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित मुजफ्फरगर पर हुआ मंथन।
विभिन्न मुददों पर हुआ विमर्श, जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों ने रखी बात।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। सोमवार की सुबह मुजफ्फरनगर के विकास की आस-उम्मीद और विचार-विमर्श के साथ हुई। हाईवे-58 स्थित होटल द मेडेलिन में पांच सत्रों में जनपद के विकास पर गंभीर विमर्श हुआ।
अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों ने जहां विकास के विजन को साझा किया, वहीं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जागरण के प्रबुद्ध पाठकों द्वारा सवाल के रूप में रखी गई जिज्ञासाओं को भी अपने जवाब से शांत किया।

जागरण विमर्श में औद्योगिक विकास के साथ युवा के भविष्य को लेकर बात की गई। कृषि से लेकर धार्मिक पर्यटन पर भी खूब मंथन किया गया। सबसे अंत में मुजफ्फरनगर की आशांए और चुनौतियों पर भी बात की गई।
दैनिक जागरण द्वारा आयोजित जागरण विमर्श मुजफ्फरनगर में पहली बार सोमवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तरप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देश अग्रवाल मौजूद रहे। दीप प्रज्ज्वलन के बाद शुरू हुए संवाद में कैबिनेट मंंत्री ने अपनी बात रखे हुए देश के साथ प्रदेश और जनपद के विकास पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनपद अब तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है। हमें मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन देश को 2047 तक विकसित करने के सपने का साकार करना है। इसके बाद राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपनी बात कार्यक्रम के मंच से रखी।
राज्यमंत्री ने कहा कि तब जनपद में खौफनाक मंजर था। सपा शासन काल में सुरक्षा को लेकर दहशत में आए व्यापारी यहां से पलायन कर रहे थे और 78 फैैक्ट्रियां यहां बंद हो गई थी। अब माहौल बदला है और अब फिर से व्यापारिक प्रतिष्ठान स्थापित हो रहे हैं।
उनकी समस्याओं को निदान भी सरकार के स्तर से किया जा रहा है। जनपद में हाईवे की कनेक्टिविटी बढ़ी है और मेट्रो के साथ रैपिड से भी जनपद को जोड़ने की योजना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। इसके लिए डीपीआर तैयार हो रही है।
आगे कहा कि शुक्रतीर्थ के विकास के लिए भी योजना बनी है और करीब 250 करोड़ के बजट से टाउन क्षेत्र का विकास किया जाएगा। मुजफ्फरनगर को स्मार्ट सिटी व नगर निगम बनाने के लिए प्रयास करने की भी चर्चा की गई।
मंच पर मौजूद प्रशासक जिला पंचायत वीरपाल बालियान ने भी विकास के विजन को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अभी कुछ साल पहले तक जनपद की पहचान क्राइम कैपिटल के रूप में थी। लेकिन अब भाजपा की सरकार में ग्रोथ कैपिटल के रूप में पहचान बनी है।
बुढाना से विधायक राजपाल सिंह बालियान ने राज्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि मैं जनपद के विकास को लेकर आपको चेताना चाहता हूं कि जो भी मांग हम मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हैं, उन्हें आप भी गंभीरता से उठाएं।
हालांकि उन्होंने आगे कहा कि जनपद के विकास की मांग को लेकर मुख्यमंत्री काफी गंभीर रहते हैं और हमारी मांग पूरी भी होती हैं।

खूब किए सवाल

विमर्श में माैजूद पुष्पेंद्र कुमार ने जनपद में बढ़ते प्रदूषण व होते पलायन को लेकर सवाल उठाते हुए कि गांव मख्लीपुर में प्रदूषण से परेशान होकर लोगों ने पलायन करने तक बोर्ड लगा दिए, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका।
जवाब में राज्यमंत्री कपिल देव ने कहा कि प्रदूषण बड़ी समस्या है। लेकिन अब जनपद में स्थापित उद्योग तकनीक बदल रहे है, ताकि कम से कम प्रदूषण हो सके। इसके प्रभाव सामने आएंगे। ऐसे ही प्रधानाचार्य करण सिंह ने सुरक्षा को लेकर सवाल किए।
जिसका जवाब देते हुए जिंप के प्रशासक वीरपाल बालियान ने कहा कि मुजफ्फरनगर अब सेफ सिटी है। इसके अलावा जिपं सदस्य मनोज राजपूत ने बढ़ती जनसंख्या को लेकर सवाल किया।
अंकित राठी ने मंसूरपुर क्षेत्र में बंद पड़ी शराब फैक्ट्री और तीन हजार युवाओं के बेरोजगार होने के साथ भुगतान नहीं होने को लेकर सवाल किया। जवाब में राज्यमंत्री ने अपने स्तर से प्रयास कर भुगतान कराने का आश्वासन दिया।
