भारत-फिनलैंड का बड़ा कदम: यूपी में कूड़े-कचरे से बनेगी CNG गैस, लगेंगे 100 बायोगैस प्लांट
भारत और फिनलैंड के संयुक्त उद्यम आर्किप्लग उज्जाला बायो एनर्जी सोल्यूशन ने उत्तर प्रदेश में कूड़े-कचरे से सीएनजी गैस बनाने के लिए 100 बायोगैस प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है।

कूड़े कचरे से बनी बायोगैस करेगी देशभर में सीएनजी की पूर्ति।
HighLights
भारत-फिनलैंड का संयुक्त उद्यम लगाएगा 100 बायोगैस प्लांट।
कूड़े-कचरे से बनेगी प्रदूषण मुक्त सीएनजी गैस।
अपशिष्ट प्रबंधन और विदेशी मुद्रा बचत में सहायक।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। भारत और फिनलैंड के संयुक्त उपक्रम आर्किप्लग उज्जाला बायो एनर्जी सोल्यूशन के अभी तक 48 प्लांट लग चुके हैं और आगामी कुछ समय में 100 प्लांट लगाने का लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। यह गैस कूड़े और कचरे से बनाई जा रही है।
भोपा रोड स्थित होटल पलासा में बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर मीका रोतेनन ने कहा कि बायोगैस तकनीक पर बनने वाली गैस सीएनजी की पूर्ति करेगी। इससे कूड़े और कचरे की समस्या का समाधान भी हो जाएगा।
इससे फैक्ट्रियों और वाहनों में गैस की आपूर्ति होने से देश आयात करने से बच सकेगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इससे बनने वाली सीएनजी प्रदूषण फ्री होगी और इसका वेस्ट मैटिरियल खाद के रूप में बेहतरीन पैदावार देगा।
उन्होंने बताया कि भारत में उनकी कंपनी कोविड से पहले वर्ष 2019 से काम कर रही है और पंजाब, हरियाणा की पराली की समस्या का समाधान कर रही है। इसमें पराली पर बेस प्लांट अंबाला में बखूबी काम कर रहा है। डा. आलोक अग्रवाल, कीर्ति प्रजापति, नीरज कुमार, लवी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
