मुजफ्फरनगर में 50 लाख की रंगदारी और लूट का पर्दाफाश, गोरक्षा दल का युवा जिलाध्यक्ष गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर में पुलिस ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर विद्युत केबल से लदी पिकअप लूटने और रंगदारी मांगने का खुलासा किया है। गो

गोरक्षा दल का युवा जिलाध्यक्ष गिरफ्तार।

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर विद्युत केबल से लदी बोलेरो पिकअप लूटने के बाद चालक-सहायक को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का पुलिस ने राजफाश किया है।
पुलिस ने गोरक्षा दल के युवा जिलाध्यक्ष हेमंत शर्मा को गिरफ्तार किया है, वहीं गिरोह का सरगना समेत छह से अधिक आरोपित फरार हैं। इस गिरोह ने पिकअप मालिक से रंगदारी के नौ लाख रुपये वसूले थे।
छपार थानाध्यक्ष मोहित कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मंगलवार रात को बाइक सवार बदमाशों ने दिल्ली से हरिद्वार विद्युत केबल लेकर जा रही बोलेरो पिकअप को ओवरटेक कर रोक लिया था। पिकअप चालक लारेब व सहचालक अनीस अहमद को बंधक बना लिया था।
50 लाख रुपये की मांगी थी रंगदारी
इसके बाद चालक के फोन से वाहन स्वामी जफर निवासी न्यू सीलमपुर, नई दिल्ली से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी नहीं देने पर बंधक बनाए दोनों लोगों की हत्या की धमकी दी गई। बदमाशों ने 12 लाख रुपये में सौदा तय किया।
इसके बाद गोरक्षा दल के युवा जिलाध्यक्ष हेमंत शर्मा पुत्र प्रमोद कुमार निवासी मेदपुर, छपार था सुमित निवासी धौलाना, हापुड़ ने हाईवे स्थित रायल किंग्स होटल पर बुलाकर जफर से नौ लाख रुपये लिए थे। उसके बाद चालक लारेब व सहचालक अनीस को छोड़ दिया था।
बुधवार को पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
बुधवार को छपार थाने पर जफर ने लूटपाट, रंगदारी समेत धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। गुरुवार को पुलिस ने हेमंत शर्मा को हाईवे की टीचर्स कालोनी से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लूटी गई पिकअप, 10 कुंतल विद्युत केबल समेत 50 हजार की नगदी बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि लूटपाट एवं रंगदारी की योजना सुमित, युधिष्ठिर व सुशील समेत अज्ञात साथियों के संग मिलकर बनाई थी। पुलिस ने आरोपित का चालान कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया है। फरार सगरना भी एक हिंदूवादी संगठन से जुड़ा होना बताया गया है।
रंगदारी वसूलकर कार से भागे थे बदमाश
थानाध्यक्ष मोहित कुमार ने बताया कि आरोपितों ने बोलेरो चालक के मोबाइल से जफर को वाट्सएप काल की थी। इसमें 50 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन अंत में सौदा तय होने पर दोनों लोगों को छोड़ा था। आरोपित ने बुलेरो पिकअप मालिक को हाईवे पर जानसठ फ्लाईओवर के निकट बुलाया।
उसके बाद अलग-अलग स्थानों की लोकेशन देते रहे। रंगदारी वसूलकर आरोपित हेमंत के कब्जे में पिकअप और 50 हजार रुपये देने के बाद कार लेकर फरार हो गए थे। शेष रकम सुमित और साथियों के कब्जे में है।
पहले करते थे रेकी, उसके बाद वारदात
आरोपित हेमंत शर्मा ने पूछताछ में बताया कि सगरना सुमित पहले से मालवाहक वाहनों की रेकी कर अपने साथियों को देता था। 21 जुलाई की सुबह दिल्ली से एक बोलेरो हरिद्वार विद्युत केबल लेकर जाने की सूचना आरोपित ने हेमंत समेत साथियों को दी थी।
इसके बाद सभी आरोपित छपार टोल प्लाजा पर एकत्र हुए थे। बोलेरो पिकअप आने की पुष्टि होते ही उसे ओवरटेक कर रोका था और चालक-सहचालक को बंधक बनाया था। विद्युत केबल वाहन से उतारने के बाद उसे जंगल में खड़ा किया था।
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