मुजफ्फरनगर, जेएनएन। महर्षि शुकदेव इंटर कालेज में छात्रों को मुर्गा बनाकर दौड़ाने की वीडियों वायरल होने के बाद शिक्षकों पर की गई कार्रवाई को सेवानिवृत प्रधानाचार्यो ने अनुचित बताया है। इस तरह की कार्रवाई से अध्यापक वर्ग हतोत्साहित होता है तथा छात्र के मन में गुरु के प्रति श्रद्धा नहीं रह पाती। उनका कहना है कि गुरु की ताड़ना मां-बाप के प्यार से बढ़कर होती है।

जनता इंटर कालेज के सेवानिवृत प्रधानाचार्य प्रहलाद सिंह का कहना है कि माता पिता के बाद गुरु ही शिष्य का असली हमदर्द होता है। अध्यापक उसे तराशने का कार्य करता है। इस आयु में छात्र को सही-गलत का अहसास नहीं होता। गलत आदतों से दूर करते हुए सही आदतों का उसके अंदर समावेश करने का दायित्व भी अध्यापक का ही होता है। किसान इंटर कालेज ककरौली के सेवानिवृत प्रधानाचार्य डा. सत्येंद्र कुमार का कहना है कि नियमों के साथ-साथ हमें व्यवहारिकता को भी नजर अंदाज नही करना चाहिए। इस तरह की कार्रवाई से अध्यापक वर्ग हतोत्साहित होता है। हमें इस पर विचार और मंथन करने की आवश्यकता है ताकि हम व्यवहारिकता को अपनाकर एक सुस्वस्थ समाज का निर्माण कर सके और गुरु शिष्य की परंपरा और भी सु²ढ़ हो। कस्बा भोकरहेड़ी इंटर कालेज के सेवानिवृत प्रधानाचार्य डा. हरपाल सिंह पंवार व महर्षि शुकदेव इंटर कालेज सेवानिवृत प्रधानाचार्य कृष्ण पाल सिंह का कहना है कि प्राचीन समय से ही शिक्षक छात्रों की गलती पर उन्हें डांटते फटकारते व सजा देते आ रहे है, कभी भी किसी भी अभिभावक ने एतराज नही किया बल्कि माता-पिता खुद कालेज आकर बच्चे को डांटने के लिए कहते थे।

Posted By: Jagran

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