यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सड़क के बीच तक फैला अतिक्रमण का जाल
शहर के मुख्य मार्र्गो की शोभा अतिक्रमण ने बिगाड़ दी है। रात को खूब चौड़े दिखाई देने वाले मार्ग दिन ...और पढ़ें

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। शहर के मुख्य मार्र्गो की शोभा अतिक्रमण ने बिगाड़ दी है। रात को खूब चौड़े दिखाई देने वाले मार्ग दिन में संकरी गलियों में तब्दील हो जाते हैं। कचहरी गेट से झांसी रानी प्रतिमा होते हुए मेरठ रोड तक अतिक्रमण इस कदर फैला हुआ है कि वाहन रेंगते हैं। सड़क के मध्य तक अतिक्रमण है।
कचहरी रोड व्यावसायिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यहां पर खाद-बीज व पेस्टीसाइट की दुकानें हैं। साथ ही वाहनों के टायरों की कई दुकानें हैं। साथ ही जिला परिषद मार्केट भी इसी मार्ग है, जहां दवाओं की थोक व फुटकर खरीद होती है। इसके आगे कपड़ों का थोक व फुटकर बाजार है। इस मार्ग पर अतिक्रमण के चलते आए दिन जाम की समस्या रहती है। कचहरी मार्ग पर प्रकाश चौक से अतिक्रमण शुरू हो जाता है। वैसे तो डिवाडर के दोनों ओर मार्ग की चौड़ाई 40-40 फीट से कम नहीं है, लेकिन अतिक्रमण के चलते गली नजर आती है। जैसे-जैसे इस मार्ग पर मेरठ रोड व शिव चौक की ओर बढ़ते हैं अतिक्रमण का दानव बढ़ता जाता है। झांसी रानी प्रतिमा के निकट तो वाहन लेकर निकलना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। झांसी रानी प्रतिमा चौराहे पर आए दिन जाम के हालात बने रहते हैं। इस मार्ग पर दोनों ओर के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान को आगे तक बढ़ा रखा है। वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं वाहनों के आगे दुकानदारों को सुविधा शुल्क देकर फल-सब्जी वाले ठेले लगाते हैं। इस मार्ग पर जिला परिषद मार्केट और दमकल विभाग का कार्यालय भी है। जिला परिषद मार्केट में आने वाले वाहन मुख्य मार्ग पर ही खड़े रहते हैं।
साकेत कालोनी निवासी राजेश कुमार का कहना है कि शहर में जाम का मुख्य कारण अतिक्रमण है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। कचहरी रोड पर दिन में निकलने में काफी परेशानी होती है। चार पहिया वाहन काफी मुश्किल से यहां से निकलता है।
आर्यपुरी निवासी देवेंद्र कुमार का कहना है कि अतिक्रमण ने कचहरी रोड की सूरत बिगाड़ दी है। यह मार्ग काफी चौड़ा है, लेकिन अतिक्रमण के चलते गली सरीखा दिखाई देता है। जाम से निजात दिलाने की कार्ययोजना फाइलों में कैद
जेएनएन, मुजफ्फरनगर। खतौली में जानसठ रोड के साथ तिराहा जाम से कराह रहा है। यहां सड़क किनारे रेहड़ा व पटरी व्यापारियों के कारण मार्ग संकरा हो रहा है, जिस कारण स्थिति बेकाबू रहती है। जाम से निजात दिलाने के कार्ययोजना तैयार बनाई गई, लेकिन उसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। योजना फाइलों में कैद हो गई। नो-वेंडिग जोन को जाममुक्त रखना पालिका व पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
कस्बे को जाम से मुक्त रखने के लिए पालिका प्रशासन ने योजना तैयार की है, जिसके चलते जानसठ तिराहा पर सड़क किनारे खड़े होने वाले फल-सब्जी के रेहड़ा व पटरी व्यापार को यहां से अलग करना था। कस्बे में पांच स्थानों पर रेहड़ा व पटरी आदि कारोबारियों को जगह दी जानी थी, जिससे जाम की समस्या समाप्त की जा सके। पालिका अधिकारियों ने बुढ़ाना रोड पर ट्यूबवेल से आगे, पुराना रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे रोड, शिवमूर्ति और रोडवेज बस स्टैंड के निकट पटरी व्यापारियों के लिए व्यवस्था की है। यह योजना फाइलों में दम तोड़ गई। महामारी के समय बाजार में भीड़भाड़ को काबू करने के लिए योजना कारगर साबित हो सकती है, लेकिन अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। पालिका के क्षेत्रीय निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि जानसठ तिराहा, बुढ़ाना रोड नो-वेंडिग जोन घोषित हैं। यहां अतिक्रमण के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। रेहड़ा, पटरी व्यापारियों के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं।
