मुजफ्फरनगर, जेएनएन। पालिका की दुकानों के मामले में पालिकाध्यक्ष ने एक-एक बिदू का परीक्षण किया है। कई फाइलों में झोल मिला है, इसको लेकर संबंधित अधिकारी पर नाराजगी जाहिर की। फाइलों में बेवजह नोटिग के साथ नियम विरुद्ध काम पाया गया है। शिकमी किराएदारी, 15 वर्षीय अनुबंध वाले दुकानदारों के काम निपटाए जाने हैं। दुकानों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पूरे काम को अगले पांच दिन में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। दुकानों के रिकॉर्ड जांचने के लिए दो अधिकारी और दस बाबू लगाए गए हैं। पालिकाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि विभाग सतर्क हो जाएं, अब काम लटकाना नहीं, उसे निपटाना पड़ेगा।

पालिका में सोमवार को पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने निर्माण, लेखा और टैक्स विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में सामने आया कि पालिका के अधीन 17 मार्केट में 509 दुकानें है, लेकिन एक साल से रस्साकसी के बाद भी दो ही मार्केट का सर्वे किया जा सका है। प्रारंभिक स्तर पर लगभग 126 दुकानों के मामले में घपला मिल रहा है। कुछ दुकानों में नियम विरुद्ध तोड़फोड़ के साथ उसकी दशा बदली गई है। कुछ दुकानदारों ने पालिका को सूचना दिए बिना ही किराएदार बदल दिए। इस पर पालिकाध्यक्ष ने आपत्ति जताई। दुकानों की जांच की अहम जिम्मेदारी टैक्स विभाग और किराया लिपिक पर है। पालिकाध्यक्ष ने मामले पूर्ण तथ्य, रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए टीओ अरुण कुमार, टीएस आरडी पौडवाल के साथ किराया लिपिक पूरणचंद के साथ 10 बाबू लगाए हैं। यह टीम पांच दिन में समस्त अभिलेख तैयार प्रस्तुत करेगी। कर्मचारियों को साफ कहा कि विभागीय सतरों पर काम लटकाया नहीं जाएगा, उसे निपटाने की प्रवृत्ति तैयार होगी। दुकानों के मामले में करोड़ों रुपये का राजस्व मिलेगा, इस मुददे को छोड़ा नहीं जा सकता है।

टीएस के देरी से आने पर बिफरीं

बैठक में टीएस आरडी पौडवाल देरी से पहुंचे। वह गाजियाबाद से बैठक में आए थे। इस पर पालिकाध्यक्ष ने बिफर पड़ी। टीएस के साथ पालिका के पांच कर्मियों को भी गैरहाजिर लिखा गया है। इस दौरान कर्मचारियों ने कार्यालय अधीक्षक पर सहयोग नहीं करने के आरोप लगाए। इस पर कार्यालय अधीक्षक को चेतावनी दी गई है।

जो जब से, वह तब से देगा किराया

दुकानों की जांच के साथ पालिका ने मामले को निपटाने की तैयारी कर ली है। सूत्रों की मानें तो पालिका वर्ष 1966 या उससे पहले को छोड़कर, जो दुकानदार जिस वर्ष से दुकान में मौजूद है। उसी समय से प्रीमियम और किराया जोड़कर वसूली करेगी। इसके लिए सहमति बनाने के लिए रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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