मुजफ्फरनगर, जेएनएन। दिल्ली में सीएए के विरोध को लेकर हुए उपद्रव में मारे गए आईबी कर्मी अंकित शर्मा के परिजनों ने उसे शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की है। परिजनों की आंखों में आंसुओं की झड़ी लगी रही।

गांव इटावा के मूल निवासी आईबी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की कार्यालय से लौटते समय हत्या कर शव नाले में फेंक दिया था। गुरुवार को गांव इटावा में अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान गांव देहात से आए लोगो ने शहीद अंकित शर्मा अमर रहे आदि के नारे लगाए थे। राजनेताओ, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लगा व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार को अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भाई अंकुर शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। उपद्रव के दौरान अंकित शर्मा के शरीर पर 400 से ज्यादा बार चाकुओं से गोदा गया है। उपद्रवियों ने अंकित की निर्मम हत्या की है। रिपोर्ट आने के बाद आईबी के जवान अंकित शर्मा के परिजनों ने अपना दर्द बंया किया। अंकित शर्मा के भाई अंकुर ने आप पार्षद ताहिर हुसैन को अंकित की मौत का जिम्मेदार बताया और पार्षद ताहिर हुसैन को फांसी की सजा की मांग की। उनका कहना था कि पार्षद ताहिर हुसैन के मकान में ले जाकर अंकित की निर्मम हत्या की गई थी। उन्होंने दिल्ली सरकार से इंटेलिजेंस ब्यूरो के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा को शहीद दर्जा देने की मांग की है। अंकित शर्मा की मौत वाले दिन से ही अंकित की मां सुधा शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। अंकित के भाई व बहन इस तरह की हत्या को ऐसे किया जाना बता रहे हैं जैसे किसी ने प्रतिशोध लिया हो।

Posted By: Jagran

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